अमरैया कलां जेई की जाँच से नहीं सन्तुष्ट हुए शिकायतकर्ता ग्रामीण

by nikhil

अमरैया कलाँ :- जहाँ एक तरफ योगी सरकार व मोदी सरकार भ्रष्टाचार को खत्म करने के वादे कर रही है। वहीं कुछ भ्रष्ट कर्मचारी को लेकर जनता परेशान है। जनता भ्रष्टाचार की शिकार बनती नजर आ रही है।


पूरनपुर विकास खण्ड की ग्राम पंचायत अमरैया कलां में मनरेगा जॉब कार्ड धारकों मजदूरी का भुगतान न होने, फर्जी दिहाडी भेजना आवास दिलाने पर अवैध धन की बसूली तथा मार्ग पर बिना काम के काम दर्शाकर धन की निकालना, कूडादान न लगना जैसे कई आरोप लगाकर ग्रामीणों ने रोजगार सेवक व ग्राम प्रधान सत्यवती के खिलाफ शिकायत जिलाधिकारी व मुख्यविकास अधिकारी से की थी।

ग्राम के रोजगार सेवक श्रीपाल शर्मा ने दीवान सिंह के झाले से कलीनगर रोड अभी चार दिन पहले कराया। जबकि कार्य का 1.5 लाख रूपये करीब छ: माह पूर्व ही निकाल कर हजम कर गये। मोतीराम पुुत्र निरंजन ने बताया कि मेरे मकान बनबाई के रूपये साल तक नहीं आये। प्रेमचन्द्र यादव ने कहा कि जो व्यक्ति काम करने नहीं जाते हैं उनकी मजदूरी भेज दी जाती है और जो मेहनत करते हैं । काम करते हैं । वह मजदूरी के लिए रोजगार सेवक के घर चक्कर लगाते हैं।


कार्यवाही की अगली जाँच में भी आज जेई देवेन्द्र , दान सिंह व श्यामबिहारी सहित तीन अधिकारी जाँच करने को आये। जाँच में देवेन्द्र ने शिकायतकर्ता व ग्रामीण की मामूली बातें सुनकर औपचारिक कार्यवाही की सॉत्वना दी। ग्रामीण की सही बात भी नहीं सुनी। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि अधिकारी जाँच करने आये या फिर भ्रष्टाचार मे घिरे रोजगार सेवक की पैरवी करने आये।पूरी जाँच के दौरान ग्रामीणों को दोषी ठहराते।

रोड व कूडादान की बातों को ऐसे छोड दिया जिस पर कोई चर्चा न करके तुरन्त अगली बात पर आ गये। जाँच करने आये जेई साहब तो ग्रामीण को ही दोषी ठहराने लगे। मानो शिकायत भ्रष्टाचार की शिकायत करके शिकायतकर्ता ने बहुत बडा गुनाह कर हो। जबकि जिस बात की चर्चा करते ग्रामीण जबाब देते कि अगली बात पर तुरन्त चर्चा आ जाती।

वैसे भी ब्लाक के जिन अधिकारियों के संरक्षण में यह भ्रष्टाचार का खेल हो रहा था। आज वही जाँच अधिकारी बनकर भ्रष्टाचारी आरोपी रोजगार सेवक की जाँच करने आये। क्या वही अधिकारी रोजगार सेवक को दोषी ठरायेंगे जिन्होने पहले ही लाखों रूपये का बंदरबांट करवाया होगा।


रिपोर्ट ज़ाहिद अली

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