अस्पताल में उपलब्ध नहीं है डेंगू की जांच किट

by vaibhav

औरैया। शहर के कई हिस्सों में डेंगू न पांव पसारे हैं। वहीं, 50 शय्या जिला अस्पताल में डेंगू की जांच के लिए किट खत्म हो गई है। जांच की मैन्युअल व्यवस्था भी नहीं है। ऐसे में बुखार से पीड़ित मरीजों और तीमारदारों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। बुखार के मरीजों को प्राइवेट पैथोलॉजी जाकर जेब ढीली करनी पड़ रही है।

सदर ब्लाक के गांव पुरवा रहट में महीने भर से ज्यादा समय से बुखार का प्रकोप है। बुखार की चपेट में आकर एक-एक कर 18 लोगों की जान जा चुकी है। इसी बीच कई जगह डेंगू ने भी पांव पसारना शुरू कर दिया। शहरी क्षेत्र में कई लोग डेंगू की चपेट में हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। 50 और 100 शय्या संयुक्त चिकित्सालय में रोजाना औसत छह-सात सौ मरीजों का पंजीकरण किया जाता है। इसमें ज्यादातर मरीज बुखार के आ रहे हैं। अधिकांश मरीजों को टायफाइड, मलेरिया व डेंगू की जांच कराने की सलाह दी जा रही है। खास बात यह है कि अस्पताल में मलेरिया, टायफाइड की जांच करने की तो व्यवस्था है, लेकिन डेंगू की जांच करने की कोई व्यवस्था नहीं हैं। ऐसे में जांच के लिए लिखे जाने पर मरीज को प्राइवेट पैथोलॉजी पर जाकर पांच सौ से लेकर छह सौ रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है।

रिपोर्ट – शिवम् शुक्ला

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