गोण्डा:- आबकारी विभाग की कार्यशैली पहले से ही काफी संदेहास्पद थी । इनके द्वारा जनपद में छापेमारी के दौरान धन उगाही के चक्कर में निर्दोष को भी जबरन पकड़ कर उनसे धन उगाही करने का कार्य किया जाता है यदि समय से पैसा नहीं मिल पाया तो उन्हें फर्जी तरीके से माल बरामदगी दिखाकर मुकदमा पंजीकृत करने का खौफ दिखाया जाता है। यही नहीं विगत वर्षों में आबकारी विभाग का वरिष्ठ सहायक मुर्तुजा हुसैन ₹20000 का घूस लेते एंटी करप्शन टीम के द्वारा रंगे हाथ पकड़ा गया था । जिससे गोंडा जनपद का आबकारी विभाग हमेशा सुर्खियों में बना रहा है ।

क्या है पूरा मामला प्राप्त जानकारी के अनुसार गोण्डा आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर राजकुमार यादव अपने सहयोगी दीवान सर्वेश तिवारी, आसाराम आरक्षी अमित कुमार व महिला आरक्षी रैना बानो के साथ विगत 29 सितंबर को थाना इटियाथोक के इशारों पर गांव में सुबह 8:00 से 9:00 बजे के करीब छापेमारी करने गए थे। उपरोक्त गांव में कुछ लोग अवैध शराब बनाने का धंधा करते हैं जिनके यहां छापेमारी के दौरान कुछ अवैध शराब की बरामदगी इन लोगों के द्वारा किया गया था लेकिन घर के लोग भाग जाने के कारण घर में केवल विकलांग व्यक्ति होने से उसे पैसा लेकर उसे छोड़ दिए और बगल की रहने वाली मीना खटीक जो आंगनबाड़ी कार्यकत्री है उसके घर अन्य सदस्य ना होने पर भी घर में घुस कर तलाशी लेते हैं कोई सामान ना मिलने पर उसे जबरन अपने टीम के साथ महिला आरक्षी रैना बानो गाड़ी में बिठाकर गोंडा ले आती है और रास्ते में उससे नौकरी से निकलवा देना का रौब दिखाकर ₹50000 की मांग करते हैं कि अपने परिजनों से कहो कि वह ला करके दे दे नहीं तुम्हें जेल भेज देंगे और तुम्हारी नौकरी चली जाएगी तथा तुम्हारी सारी संपत्ति जब्त कर लिया जाएगा । उसके बाद यह कहने पर कि साहब हमारे पास इतना धन नहीं है और ना ही हमारे खानदान में आज तक किसी ने शराब बनाई है इस पर उपरोक्त लोगों के द्वारा जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए अभद्रता की जाती है ।क्या कहती है

पीड़िता मीना खटीकआबकारी विभाग के प्रताड़ना की शिकार मीना खटीक का कहना है

कि मैं गोंडा जनपद के इटियाथोक थाने के अंतर्गत निशारूपुर गांव की आंगनबाड़ी कार्यकत्री के साथ एक सामाजिक महिला हूं।

29 सितंबर को सुबह 8:00 से 9:00 बजे के करीब आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर राजकुमार यादव दीवान सर्वेश तिवारी आसाराम आरक्षी अमित कुमार व महिला आरक्षी रैना बानो द्वारा मेरे गांव में छापेमारी की जाती है जहां गांव में कुछ लोग शराब का धंधा करने का काम करते हैं लेकिन उपरोक्त टीम द्वारा उनसे धन उगाही करके उनको छोड़ दिया जाता है और रास्ते में मेरे घर की जबरन तलाशी लिया जाता है मेरे मना करने पर कि मैं जात की खटीक जरूर हूं लेकिन मेरे खानदान में आज तक शराब बनाने का काम नहीं हुआ है और ना ही मेरे घर पर कोई सदस्य मौजूद है इस पर उपरोक्त टीम के लोग मुझे जातिसूचक शब्दों से भद्दी भद्दी गालियां देते हुए अपमानित करते हैं और महिला आरक्षी रैना बानो के द्वारा जबरन गाड़ी में बिठाकर गोण्डा लाया जाता है । रास्ते में गोण्डा आते समय महिला आरक्षी रैना बानो के द्वारा मुझसे ₹50000 की मांग की जाती है कि अपने घर वालों से कहो कि वह ला करके दे दे, नहीं तुम्हें जेल भेज देंगे और तुम्हारी नौकरी चली जाएगी तथा तुम्हारी सारी संपत्ति जब्त हो जाएगी। मेरे द्वारा यह कहने पर कि साहब मेरे पास इतना रुपया नहीं है और मैं यह आंगनबाड़ी कार्यकत्री होने के साथ में सामाजिक महिला हूं मैं इतना पैसा आपको कहां से दे सकती हूं और न मैं और मेरा परिवार इस धंधे में संलिप्त है इस पर उक्त लोग आग बबूला हो जाते हैं और मुझे जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए जेल में डाल देने की रौब दिखाते हैं । यह जानकारी मेरे भाई को होने पर वह आबकारी विभाग गोंडा में पहुंचता है तो उससे यह कहा जाता है कि अब तुम केवल ₹20000 की ही व्यवस्था कर दो और अपनी बहन को ले जाओ। पीड़ित मीना का कहना है कि मैं हाथ जोड़कर रैना बानो आज के समक्ष गिर जाती रही लेकिन उन्होंने मेरी एक ना सुनी तब मैं अपना मंगलसूत्र निकाल कर देने लगी तो मेरे भाई ने मंगल सूत्र उतारने से रोक दिया और कहा कि मैं व्यवस्था कर रहा हूं। टीम के द्वारा घर पर छापेमारी के दौरान व गोंडा में पैसे की मांग करते समय मेरे गांव का लड़का पवन कुमार पुत्र रामदेव भी मौजूद रहे हैं । मेरे भाई के द्वारा किसी तरह ₹18000 की व्यवस्था करके लाय तब रैना बानो ने कहा कि तुम्हारी बहन को छोड़ रहे हैं लेकिन कल शेष ₹2000 ला करके दे जाना नहीं तुम्हारी फाइल कोर्ट पहुंचा देंगे पूरा पैसा मिल जाने पर सब यही रफा-दफा कर देंगे पैसे की मांग करने का दबाव व पैसे लेने का कार्य महिला आरक्षी रैना बानो व दीवान सर्वेश तिवारी द्वारा आसाराम के साथ किया गया था। मुझे उपरोक्त टीम के द्वारा सुबह से ऑफिस में बैठाया रखा गया और ₹18000 रू मिलने के बाद शाम 5:00 बजे छोड़ा गया।

क्या खटीक जाति में जन्म लेना गुनाह है– मीना देवी

आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर राजकुमार यादव के टीम के द्वारा प्रताड़ना की शिकार मीना देवी का कहना है कि क्या खटीक जाति में जन्म लेना गुनाह है मुझे जातिगत आधार पर प्रताड़ित करते हुए मेरी समाजिक छवि उपरोक्त आबकारी टीम की पुलिस ने क्यों खराब किया है जबकि मेरे खानदान में आज तक कभी भी अवैध कच्ची शराब बनाने का धंधा नहीं किया गया है यह हमारा पूरा क्षेत्र जानता है। मेरे बारे में प्रशासन अपना टीम लगा करके जांच करा ले कि मेरा परिवार कभी भी क्या इस धंधे में संलिप्त रहा है यदि मै दोषी पाई जाती हूं तो मुझे सजा दी जाए नहीं तो उपरोक्त आबकारी टीम के द्वारा मुझे जातिगत आधार पर प्रताड़ित किया गया है तथा मुझसे जबरन ₹18000 की वसूली की गई है ऐसे लोगों के विरुद्ध विभागीय व विधिक कार्रवाई की जाए। पीड़ित मीना देवी का कहना है कि उपरोक्त आबकारी टीम की महिला आरक्षी रैना बानो के द्वारा पैसे की मांग करते समय मेरे भाई को 1 घंटे का समय दिया गया था कि तुम 1 घंटे के अंदर पैसे की व्यवस्था करके दो नहीं तुम्हारी बहन को जेल भेज दिया जाएगा इसकी वीडियो मेरे पास मौजूद है तथा शेष ₹2000 के लिए दूसरे दिन बार-बार फोन करके पैसे की मांग की गई उसका ऑडियो भी मेरे पास मौजूद है आवश्यकता पड़ने पर सक्षम अधिकारियों व न्यायालय में के समक्ष मैं पेश कर सकती हूं । पीड़िता मीना देवी ने न्याय पाने के लिए मंडलायुक्त देवीपाटन मंडल ,आबकारी आयुक्त देवीपाटन मंडल, जिलाधिकारी गोंडा व पुलिस अधीक्षक गोंडा से प्रार्थना पत्र देकर के न्याय पाने की गुहार लगाई है ।इस संबंध में दूरभाष पर आबकारी इंस्पेक्टर राजकुमार यादव से उनका पक्ष जानने के लिए प्रयास किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका ।

रिपोर्ट राहुल तिवारी