गोण्डा:- जनपद के तहसील मुख्यालयों पर मुंसिफ न्यायालय व ग्राम न्यायालय स्थापना के  विरोध  में चल रहा है अधिवक्ताओं का आन्दोलन गुरुवार को ग्यारहवें दिन भी जारी रहा।  जिला बार व सिविल बार एसोसिएशन के  संयुक्त तत्वावधान में अधिवक्ताओं ने अध्यक्ष दीनानाथ त्रिपाठी, वीरेंद्र त्रिपाठी एवं महामंत्री मनोज कुमार सिंह,प्रदीप कुमार पाण्डेय के  नेतृत्व मे  ग्यारहवें दिन डी एम कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया।इस दौरान वरिष्ठअधिवक्ताओं ने अपने सम्बोधन में आरोप लगाया कि तीनों तहसीलों में न्यायिक प्रक्रिया संचालित नही हो सकती है। यदि ग्राम न्यायालय के नाम पर तीनों तहसीलो पर मुंसिफ न्यायालय कायम की जाती है तो न न्यायालय की गरिमा बचेगी और न ही पीठासीन अधिकारी ही सुरक्षित रहेंगे।  

धरना-प्रदर्शन के उपरांत अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी डा. नितिन बंसल से मिलकर उन्हें एक ज्ञापन भी दिया। ज्ञापन में तहसीलो पर व्यापक  राजनीतिक हस्तक्षेप एवं  नेताओं के हस्तक्षेप की आशंका व्यक्त करते हुए कहा गया है कि तहसील में ग्राम न्यायालय- मुंसिफ न्यायालय की स्थापना से  गरीबो को न्याय से वंचित होना पड़ेगा।  इस पर डीएम ने  ज्ञापन पर  आवश्यक कार्रवाई करने का अश्वासन दिया और  पूरे प्रकरण के लिए डीजे को जिम्मेदार बताया। 

रिपोर्ट राहुल तिवारी जिला संवाददाता गोंडा