उत्तर भारत में हुई बारिश से मिली प्रदूषण से राहत

by saurabh

नई दिल्ली/लखनऊ। पिछले लगभग एक माह से दिल्ली एनसीआर के बादलों पर छाये प्रदूषण के बादलों से राहत मिलती दिखाई दे रही है। कल दिल्ली सहित लगभग पूरे उत्तर भारत में हुई बारिश के बाद आसमान मे छाये प्रदूषण के बादल कम हो गये है।

दिल्ली, हिमाचल प्रदेश सहित पंजाब ,चंडीगढ़, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कानपुर, लखीमपुर, लखनऊ में पिछले चाैबीस घंटों में तेज हवा के साथ बारिश हुई। वहीं कई जगहों पर ओले गिरने से लंबे समय से जारी सूखे जैसे हालात से राहत मिली और पेड़ पौधों पर छायी धूल धुल गयी।

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मौसम केन्द्र के अनुसार क्षेत्र में अगले चौबीस घंटों में कहीं कहीं हल्की बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने के आसार हैं और उसके बाद माैसम खुश्क रहने की संभावना है। कल रात चंडीगढ़ तथा इसके आसपास तीन माह के बाद तेज हवा के साथ पहली बार बारिश हुई जिससे तापमान में गिरावट आने के साथ मौसम ठंडा हो गया । शहर में पंद्रह मिलीमीटर बारिश हुई । साथ ही प्रदूषण से भी राहत मिली।

पंजाब तथा हरियाणा में ओलावृष्टि हुई तथा बारिश हुई । हरियाणा में कहीं कहीं तेज हवा के साथ बारिश के दौरान शीन शैड उड़ गये और कुछ स्थानों पर फसलों को नुकसान पहुंचा। क्षेत्र में अभी गेहूं की बुवाई होनी है तथा जमीन तैयार करने के लिये यह बारिश किसानों के लिये वरदान साबित हुई है । अंबाला में पांच मिमी , हिसार 19 मिमी , करनाल 39 मिमी , सिरसा दो मिमी ,रोहतक ,नारनौल सहित अनेक स्थानों पर हल्की बारिश हुई ।

पंजाब के अमृतसर में 14 मिमी,लुधियाना 10 मिमी ,पटियाला 11 मिमी ,आदमपुर 12 मिमी , हलवारा 30 मिमी ,फरीदकोट चार मिमी ,गुरदासपुर तीन मिमी सहित कुछ स्थानों बारिश हुई जिससे राज्य में छाये स्माग, प्रदूषण तथा खुश्क मौसम से राहत मिली ।
हिमाचल प्रदेश में शिमला जिले के पर्यटक स्थल नारकंडा और कुफरी में हिमपात हुआ । जनजातीय जिले लाहौल स्पीति, किन्नौर और चंबा जिले के पांगी और भरमौर, कुल्लू के मनाली, कांगडा जिले के धौलाधार की पहाड़ियों पर भी बर्फबारी हुई।

पिछले करीब तीन माह से सूखे , प्रदूषण की मार झेल रहा हिमाचल में व्यापक वर्षा हुई है। रोहतांग दर्रे पर दो से तीन फुट ,सांगला 25 सेंटी, कोठी और गोंदला में 20 सेंटी, शिलारू में 10.4 सेंटीमीटर, मनाली में दो, कुफरी में 7 सेंटीमीटर हिमपात हुआ है।

सूखे की समाप्ति, वर्षा और बर्फबारी होने से किसानों और बागवानों के चेहरों पर खुशियों का माहौल है। पिछले तीन महीनों से किसान बारिश होने का इंतजार कर रहे थे। प्रदेश में हुई व्यापक बारिश से रवि की फसल को फायदा मिलेगा, वहीं धूल प्रदूषण के कारण लोगों को राहत मिली है। जल्दी से बर्फबारी होने से सेब की फसल में भी नमी मिलेगी और अच्छी पैदावार होगी।
डलहौजी में 33 मिमी , सोलन में 27 मिमी, शिमला में 21.6 मिमी, जुब्बडहट्टी, कुल्लू में ऊनाग और ऊना में 16 मिमी, पालमपुर में 15 मिमी, धर्मशाला में 12.6 मिमी, भुंतर और सुंदरनगर 12 मिमी ,कांगडा 12 मिमी , मनाली 22मिमी , कल्पा पांच मिमी सहित ज्यादातर इलाकों में बारिश हुई ।

वार्ता

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