उर्वरक की ओवर रेटिंग तीन दशक से बन चुका व्यवस्था का हिस्सा

by News Desk
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कौशांबी :- किसानों की मददगार बनने का दावा सूबे की हर सरकार करती है चाहे सपा सरकार सत्ता में काबिज रही हो चाहे बसपा की मायावती सरकार सत्ता में काबिज रही हो या भाजपा की सरकार सत्ता में काबिज हो किसान हितैषी होने का सभी सरकार दम भर रही ।

हैं लेकिन सच्चाई यह है कि बीते तीन दशक से उर्वरक की ओवररेटेड अब व्यवस्था का हिस्सा बन चुकी है जिसके चलते किसानों को कालाबाजारी की अधिक रेट पर उर्वरक खरीद कर अपने खेतों में डालना पड़ता है ओवर रेटिंग से जिले के किसान त्रस्त हो चुके हैं।

और उर्वरक व्यापारियों की ओवररेटेड के खिलाफ आए दिन किसान नेताओं के साथ तमाम किसान धरना प्रदर्शन कर उर्वरक की ओवर रेटिंग बंद कराए जाने की मांग अधिकारियों जनप्रतिनिधियों से करते हैं लेकिन किसानों की आवाज दबकर रह जाती है।

वहीं उर्वरक की कालाबाजारी कर तीन दशक के बीच उर्वरक व्यापारी मालामाल हुए हैं जिन व्यापारियों को उर्वरक का बफर लाइसेंस दिया गया है देखते-देखते तीन दशक के बीच उर्वरक के बफर लाइसेंसी कालाबाजारी कर सैकड़ों करोड़ के मालिक बन चुके हैं लेकिन उसके बाद भी जनप्रतिनिधि और अधिकारी उर्वरक की ओवर रेटिंग की बात मानने को कतई तैयार नहीं है।

उर्वरक की कालाबाजारी में लगे व्यापारियों से कुछ रुपए महीने मिल जाने की लालच के चलते कृषि अधिकारी हमेशा उर्वरक व्यापारियों का पक्ष लेकर आला अधिकारियों जनप्रतिनिधियों को गुमराह करते रहते हैं जिससे उर्वरक व्यापारियों के हाथों किसान लूट लिया जाता है।

गरीब कमजोर किसानों को लूटने के इस मामले में हमेशा केवल बयानबाजी तक जिम्मेदार अधिकारी नेता सीमित रह गए हैं उर्वरक की कालाबाजारी नहीं बंद हो सकी है इतना ही नहीं बड़े पैमाने पर मिलावट खोरी का खेल भी इस जिले में बेखौफ तरीके से संचालित हो रहा है।

ब्रांडेड कंपनियों की उर्वरक डीएपी की खाली बोरी मैं घटिया क्वालिटी की उर्वरक डीएपी भरकर किसानों के हाथ बेचने के मामले में इस जिले के दो दर्जन से अधिक व्यापारी करोड़ों में खेलने लगे हैं इन व्यापारियों के यहां कभी विभाग ने सैमपुलिंग नहीं कराई है जिससे विभागीय अधिकारियों की मंशा साफ झलक रही है।

अब सवाल उठता है कि सपा बसपा सरकार में उर्वरक की ओवर रेटिंग और मिलावट खोरी कर मालामाल हुए उर्वरक व्यापारियों पर क्या योगी सरकार जांच करा कर कार्यवाही करेगी या फिर योगी सरकार में भी सांसद विधायक चुप्पी साध कर उर्वरक की कालाबाजारी में लगे लोगों को मौन स्वीकृति देते रहेंगे जिससे किसान लुटता रहेगा यह योगी सरकार की व्यवस्था पर बड़ा सवाल है

रिपोर्ट श्रीकान्त यादव

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