एन सी सी ओ ई ई ई की बैठक में लिया गया कठोर निर्णय

by nikhil

कौशाम्बी :- पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्ताव को लेकर बिजली विभाग के कर्मचारी कड़ा रुख अपनाते हुए सड़क पर उतरने को बाध्य हो गए । सोमवार को मंझनपुर उप केंद्र में जिले के सैकड़ों कर्मचारी एकत्र होकर मशाल जुलूस निकालते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

इतना ही नहीं जुलूस मंझनपुर उपकेंद्र से निकलते हुए मंझनपुर चौराहा पहुंचा, इस दौरान उपस्थित लोगों ने तेज आवाज में अपने हक की मांग करते हुए नारेबाजी भी की। कार्यक्रम की अगुवाई अवर अभियंता मंझनपुर विनम्र पटेल ने किया।


यहां बताना जरूरी होगा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम निजिकरण किया जा रहा है उससे कहीं ना कहीं विभाग से जुड़े कर्मचारी अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। इसे लेकर विभाग के लोगों ने एक बैठक कर इसका विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया।

विभागीय लोगों की बातों पर यकीन करें तो कहा जा रहा है कि यदि सरकार ने यह निर्णय वापस नहीं लिया तो देश के 15 लाख कर्मचारी 29 सितंबर से कार्य का बहिष्कार करने को बाध्य होंगे इतना ही नहीं यह भी फैसला लिया गया कि इतने से भी अगर मांग पूरी ना हुई तो 5 अक्टूबर से सभी कर्मचारी व अफसर पूरे दिन ऐसे कार्य का बहिष्कार करेंगे।

यह भी कहा गया कि यदि उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों को गिरफ्तार किया गया और दमन किया गया तो देश के अन्य प्रांतों के बिजली कर्मी मूकदर्शक बने नहीं रहेंगे। और उत्तर प्रदेश के समर्थन में राष्ट्रव्यापी आंदोलन प्रारंभ कर दिया जाएगा । यह भी कहा गया कि उत्तर प्रदेश में बिजली की लागत 0 7. 90 यूनिट है।

और निजि कंपनी द्वारा के अनुसार कम से कम 16% मुनाफा लेने के बाद 09.50 प्रति यूनिट कम दर पर बिजली किसी को नहीं मिलेगी । इस प्रकार एक किसान को लगभग ₹8000 प्रतिमाह और घरेलू उपभोक्ताओं को 8000 से 10000 रुपया प्रतिमाह बिजली बिल देना होगा।

निजि कंपनियों को कोई घाटा ना हो इसलिए निजिकरण के प्रस्ताव के अनुसार पूर्वांचल में 3 वर्ष ट्यूबवेल के फीडर अलग कर ट्यूबवेल को सौर ऊर्जा से जोड़ने की योजना है। इस तरह से अपनी मांगों को लेकर किसी का नुकसान ना हो बिजली विभाग के कर्मचारी धरना प्रदर्शन को बाध्य हैं।

हालांकि मंझनपुर में अपनी मांग को लेकर विभाग के सैकड़ों कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन जताया । इस मौके पर तकरीबन जिले भर के सैकड़ों विद्युत विभाग के कर्मचारी व अफसर मौजूद रहे ।


रिपोर्ट श्रीकान्त यादव

Related Posts