Home editorial कहीं देश को मंहगी न पड़ जाये लॉकडाउन 3 की छूट

कहीं देश को मंहगी न पड़ जाये लॉकडाउन 3 की छूट

by saurabh
46 views

कोरोना महामारी के बीच लॉकडाउन के माध्यम से संक्रमण की चेन को तोड़ने की सरकार की ख्वाहिश धराशायी होते दिख रही है। एक के बाद एक केंद्र सरकार लगातार 3 लॉकडाउन लगा चुकी है। लेकिन संक्रमण के मामले कम होने के बजाय दिन प्रति दिन बढ़ते जा रहे है। इसी बीच लॉकडाउन के दौरान आर्थिक पहिए को घुमाने के लिए सरकार ने जो छूट दी है, अब वही छूट सरकार के गले की हड्डी और कोरोना के फैलने में आग में घी का काम कर रही है।

देश में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन जैसे व्यवस्था उस समय लागू की गई थी जब देश में 22 मार्च को महज 403 कोरोना संक्रमण के मामले थे जो कि प्रतिदिन औसतन 400 मामले बढ़कर पहले लॉकडाउन की समाप्ति तक 15 अप्रैल को 12371 मामले हो गये थे।

इसके बाद लॉकडाउन 2 के दौरान 16 अप्रैल से 3 मई तक मामले 42778 हो गये थे। इसी बीच सरकार ने 4 मई को फिर लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा कर दी, लेकिन इस घोषणा के साथ ही सरकार ने सभी जोन लगभग सभी छोटी दुकाने खोलने के लिए मंजूरी दे दी। छोटी दुकानों के साथ ही शराब के ठेके भी खोल दिये गये । परिणाम स्वरूप 4 मई से 6 मई के बीच कोरोना संक्रमितों की संख्या में 10229 की बढ़ोतरी के साथ कुल संख्या 53007 हो गयी है।

हालांकि इस दौरान सरकार का दावा है कि इस समय प्रतिदिन होने वाली टेस्टिंग भी बढ़ाई गई है। अभी तक देश में कुल 1276781 लोगों की कोरोना जाँच हुई है। इस आधार पर आज की स्थिति में प्रत्येक 24 में से एक व्यक्ति कोरोना सं​क्रमित है। जबकि 22 मार्च की बात करें तो तब तक कुल 18,127 लोगों की जाँच हुई थी, जिसमें से 403 कुल संक्रमित मामले थे, इस आधार पर प्रति 45 व्यक्ति में 1 व्यक्ति सं​क्रमित था। ऐसी स्थिति में सरकार को एक मजबूत रणनीति और सख्त कानून के साथ कोरोना से लड़ने की जरूरत है। वर्तमान उदार व्यवस्था के साथ कोरोना से लड़ाई में न ही कोरोना के मोर्चे पर देश सफल हो पायेगा, न ही अर्थव्यवस्था को बचाने में कामयाबी मिल पायेगी।

— सौरभ बाजपेई

डाटा स्त्रोत : www.covid19india.org

You may also like