राजगढ़(मध्य प्रदेश):- छापीहेड़ा नगर में कृषि उपज मंडी समिति द्वारा सात सेण्ड्री शॉप की नीलामी अवैध रूप से की गई समिति द्वारा नीलामी की कार्यवाही व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बिना प्रक्रिया का पालन किए की गई। कृषि उपज मंडी छापीहेड़ा समिति द्वारा समाचार पत्र में विज्ञप्ति का प्रकाशन मात्र दो अखबारों में स्वदेश भोपाल, एवं प्रदेश टाइम्स, अखबार में करवाया गया। जिसका सरकुलेशन यहां स्थानीय स्तर पर कम है। तथा नगर में मुजादी भी नहीं करवाई गई, जिससे आम नागरिकों तथा व्यापारियों को पता ही नहीं चला कि कृषि उपज मंडी मैं साप्ताहिक अवकाश शुक्रवार दिनांक 8 जनवरी 2021 को नीलामी की गई, जिससे किसानों तथा व्यापारियों को जानकारी नहीं मिली उक्त दुकाने अत्यन्त कम कीमत पर दे दी गई। मंडल अध्यक्ष भाजपा निर्मल गुप्ता(लाला), मंडल महामंत्री रामबाबू नागर, नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि विजय सिंह मालवीय, मुकेश चौधरी, नीरज सेठिया, कैलाश पाटीदार, नंदकिशोर धाकड़, घनश्याम पाटीदार, बबलू जायसवाल, सागर गुप्ता, अंतर सिंह, तथा कांग्रेश के इनका अमर सिंह पाटीदार, सोनू नागर, दिनेश गुप्ता, आदि ने आरोप लगाते हुए कहा की आपने व्यक्ति विशेष को लाभ देने हेतु दुकाने कम कीमत पर दे दी गई हैं। दुकानें मात्र 5 लाख 29 हजार रुपए से लेकर 5 लाख 29 हजार तीन सौ रुपए मैं सातों दुकानें देना कहां का औचित्य है। गौरतलब है कि मंडी प्रशासन ने स्थानीय व्यापारियों को सूचना देना भी उचित नहीं समझा। कृषि उपज मंडी प्रभारी सचिव हरी प्रसाद वर्मा, का कहना है कि हमने टप्पा कार्यालय, तथा नगर परिषद, मैं नोटिस भेजकर प्रक्रिया पूरी कर ली थी। तथा मंडी बोर्ड के अधिकारियों की उपस्थिति में उक्त प्रक्रिया संपन्न करवाई। सातों दुकाने:- अरुण पिता बालचंद, 5 लाख 29 हजार रुपए, उमेश सिंह पिता कालूराम, 5 लाख 29 हजार रुपए, दीपक पिता रामप्रसाद, 5 लाख 29 हजार रुपए, नवनीत पिता रामकुमार, 5 लाख 29 हजार 111 रुपए, गुरु प्रसाद पिता राम बक्श, 5 लाख 29 हजार रुपए, सुरेश पिता रामगोपाल, 5 लाख 29 हजार रुपए, कैलाश चंद पिता भेरुलाल, 5 लाख 29 हजार रुपए, जबकि दुकानों की नीलामी उक्त 10 लाख रुपए प्रीति दुकान होनी चाहिए, शासन को लाखों रुपए का चूना लगाया गया। तथा मांग की गई की दुकानों की नीलामी की कार्यवाही विधिवत रूप से फिर से की जाए।
रिपोर्टर कमल चौहान