कैलाश मनहर को हिन्दी साहित्य सृजन का राष्ट्रीय पुरस्कार

by vaibhav

श्रीडूंगरगढ़। राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति श्रीडूंगरगढ द्वारा हिन्दी साहित्य सृजन के लिए दिए जाने वाले वार्षिक पुरस्कार की घोषणा कर दी गई है । इस आशय की जानकारी देते हुए संस्थाध्यक्ष श्याम महर्षि ने बताया कि संस्था द्वारा प्रतिवर्ष दिया जाने वाला प्रतिष्ठित नंदलाल महर्षि हिन्दी साहित्य सृजन पुरस्कार इस वर्ष मनोहरपुर के प्रतिष्ठित साहित्यकार कैलाश मनहर को दिया जाएगा। संस्था के मंत्री रवि पुरोहित ने बताया कि हिन्दी साहित्य सृजन पुरस्कार कवि मनहर को उनकी चर्चित पुस्तक ^ हर्फ दर हर्फ’ के लिए घोषित किया गया है । पुरस्कार श्रीडूंगरगढ में आयोज्य भव्य समारोह में अर्पित किया जाएगा। पुरस्कार स्वरूप ग्यारह हजार रूपये नगद राशि के साथ सम्मान-पत्र, स्मृति चिह्न, शॉल अर्पित किए जायेंगे । संस्था की सर्वोच्च मानद उपाधि मलाराम माली स्मृति ^साहित्यश्री’ सम्मान और पं- मुखराम सिखवाल स्मृति राजस्थानी साहित्य सृजन पुरस्कार की घोषणा भी जल्द की जाएगी।

2 अप्रेल 1954 को जन्मे मनहर अपनी लोकधर्मी सृजनात्मकता के लिए लोकप्रिय हैं। सामाजिक सरोकारों में कविता बीज तलाशने वाले मनहर की कविताओं का वैचारिक दर्शन और शिल्पगत सौंदर्य उनकी लोकप्रियता के आधार हैं। देश-प्रदेश की तमाम ख्यात पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशित होते रहे राजस्थान के गंभीर कवियों में गिने जाने वाले कैलाश मनहर के कविता में सहयात्रा] सूखी नदी] अवसाद पक्ष] उदास ऑंखों में उम्मीद, हर्फ दर हर्फ, अरे भानगढ़, मध्यरात्रि प्रलाप आदि कविता संग्रह और मेरे सहचर-मेरे मित्र संस्मरणात्मक रेखाचित्रों की पुस्तक पाठकीय सरोकारों से रेखांकित व प्रशंसित रही है। आकाशवाणी व दूरदर्शन से प्रसारित कवि मनहर अपने वैचारिक निबन्धों व टिप्पणियों से भी चर्चा में रहे हैं।

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