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कोटेदार के व्यवहार से नाराज कार्डधारको ने जताई नाराजगी राशन समय से न मिलने पर कोटेदार पर लगाया आरोप

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वाराणसी । कैंट थाना क्षेत्र के सरसौली (वार्ड नंबर 6) के सस्ते गल्ले की दुकान पर शुक्रवार को सर्वर डाउन रहने के कारण सैकड़ों उपभोक्ताओं को राशन का वितरण नहीं किया गया । इस बात से नाराज होकर उपभोक्ताओं ने नाराजगी जताई और दुकानदार के खिलाफ जिलाधिकारी से उचित कार्रवाई की मांग की है। उपभोक्ताओं की माने तो महीने के 5 या 6 तारीख को राशन का वितरण हो जाना चाहिए लेकिन दुकानदार की मनमानी, लापरवाही के कारण महीने की 8 तारीख को उपभोक्ताओं को बुलाया जाता है और कई माह से सर्वर डाउन होने का हवाला देते हुए उपभोक्ताओं को अक्सर वापस कर दिया जाता है। सुबह 6 बजे से ही उपभोक्ताओं की लाइन लगनी शुरू हो जाती है और दुकानदार उपभोक्ताओं का राशन कार्ड भी जमा करा लेता है लेकिन जब उपभोक्ताओं को राशन देने की बारी आती है तो सर्वर डाउन होने का तथाकथित बहाना करके उपभोक्ताओं का राशन कार्ड वापस कर देता है और दुकान बंद कर देता है। इस बात से नाराज होकर कई बार उपभोक्ताओं ने आलाअधिकारियों से गुहार लगाई लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई है। जबकि अन्य सस्ते सरकारी गल्ले की दुकान पर सुबह से ही उपभोक्ताओं को राशन का वितरण किया जा रहा है। आखिर ऐसी क्या बात है कि इसी दुकानदार के सर्वर हर महीने डाउन हो जाता है। जब तक इस की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती है तब तक उपभोक्ताओं को राहत मिलने वाली नहीं दिखाई दे रही है। उपभोक्ताओं ने जिला खाद्यपूर्ति अधिकारी से मांग किया है कि इस दुकान से राशन कार्ड धारकों का कार्ड स्थानांतरित करके दुकान नंबर 381, दुकानदार मदनलाल पर कर दिया जाए जो कि पूर्व में चला रहा था। वर्तमान दुकानदार ने हेरफेर करके सैकड़ों उपभोक्ताओं का राशन कार्ड अपने दुकान पर पंजीकृत करा दिया है और उपभोक्ताओं को समय से राशन देने में हिलाहवाली करता रहता है। इतना ही नहीं जब कोई उपभोक्ता दुकानदार का विरोध करता है या राशन की घटतौली का विरोध करता है या फिर समय से राशन नहीं देने की बात करता है तो दुकानदार और उसके कर्मचारी अक्सर कार्ड धारकों के साथ गाली गलौज और देख लेने की धमकी देते हैं। इतना ही नही दुकानदार और कर्मचारी यह भी कहते हैं कि हम अपनी मर्जी के मालिक हैं और अपने समय से राशन का वितरण करेंगे, यदि राशन लेना है तो हमारे नियम कानून से ही मिलेगा अन्यथा जो तुम्हें करते बने कर लेना, हम अपने अनुसार से ही दुकान खोलेंगे और राशन का वितरण करेंगे। ऐसे में सवाल इस बात का है जो गरीब 15 किलो गेहूं और 10 किलो चावल के लिए महीने भर इंतजार करता है और जब उसे लेने का समय आता है तो सर्वर डाउन होने का हवाला देकर उसे वापस कर दिया जाता है। सरकार एक तरफ तो कहती है कि उपभोक्ताओं को प्रतिदिन राशन का वितरण किया जाएगा लेकिन यह दुकानदार महीने में 8- 9 तारीख को 2 दिन ही राशन का वितरण कर दुकान बंद कर देता है और बाकी दिन दुकान उसी तरह बंद रहती है।

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