सूपर पाॅवर बनने की चाह में इस हद तक गिर जायेगा, शायद ही किसी ने ऐसी कल्पना भी की होगी। कोरोना वायरस की आड़ में चीन की विस्तार वादी नीति और सूपर पाॅवर बनने की घटिया चाल बेनकाब हो गई है। पूरी दुनिया को कोरोना की मार देने के बाद अब चीन ने बाहरी देशों की बड़ी कंपनियों के शेयर खरीदने शुरू कर दिये है। चीन ने भारत के भी बैंकिंग सेक्टर में सेंध लगाते हुए एचडीएफसी बैंक के 1.75 प्रतिशयत शेयर खरीद लिये है।

गौरतलब है कि पूरी दुनिया में कोरोना फैलने के बाद लगभग सभी देशों ने अपने देश में लाॅकडाउन कर दिया है। जिससे लगभग सभी देशों के शेयर बाजारों में भीषण गिरावट भी देखने को मिली। इसी गिरावट का फायदा उठाते हुए चीन ने पहले यूरोप की कई बड़ी कंपनियों के हिस्से खरीदे। अब भारत में भी यहां के सबसे ज्यादा मुनाफे में रहने वाली एचडीएफसी बैंक के भी शेयर खरीद लिये है।

भारत में कोरोना की दस्तक के चलते शेयर बाजार का बहुत बुरा हाल है। 7 जनवरी को बंबई स्टाक एक्सचेंच 41900 के पार था , जो महज 2 माह में गिरकर 23 मार्च को 25900 तक रह गया था। वहीं अगर एचडीएफसी बैंक की बात करें तो इसके शेयर जनवरी की तु़लना में मार्च तक 1287 रुपये से गिरकर 767 रुपये तक आ गये थे। इसी कमजोरी का फायदा उठाते हुए चीन की पीपुल्स बैंक आॅफ चीन ने इस बैंक के 1.75 प्रतिशत शेयर खरीद लिए।