Home StateUttar PradeshBalrampur कोरोना को हराने वाले जनपद के प्रथम कोरोना मरीज की तालियों के साथ किया गया स्वागत

कोरोना को हराने वाले जनपद के प्रथम कोरोना मरीज की तालियों के साथ किया गया स्वागत

by anil
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बलरामपुर। 18 अप्रैल को मुंबई से वापस लौटे तहसील तुलसीपुर निवासी व्यक्ति की कोरोना सैंपल रिपोर्ट 22 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव प्राप्त हुई। जिसके उपरांत प्रशासन द्वारा कोरोना प्रोटोकॉल के तहत गोंडा के एल-१ हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया। वहां भर्ती रहने के पश्चात कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति की रिपोर्ट 6 मई को निगेटिव प्राप्त हुई। कोरोना को हराकर कलेक्ट्रेट पहुॅचे व्यक्ति का तालियो के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान कोरोना संक्रमण से ठीक होने वाले व्यक्ति को मुख्य विकास अधिकारी द्वारा 15 दिन हेतु राशन किट दिया गया।इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उप जिलाधिकारी तुलसीपुर उपस्थित रहे। इस दौरान कोरोना संक्रमण से ठीक होने वाले व्यक्ति ने बताया कि जब मैं मुंबई से आया तो मुझे कोई लक्षण नहीं थे, मैं एकदम स्वस्थ था। कोरंनटीन सेन्टर में जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आकस्मिक तौर पर मुझे चयनित कर सैम्पल लेकर भेजा, तो लखनऊ से आयी रिपोर्ट में मुझे पॉजिटिव बताया गया।मैं लोगों को बताना चाहता हूॅ कि जब मैं बलरामपुर पहुॅचा, तो मेरे मन में ख्याल आया कि चुपचाप अपने गाँव चला जाता हूॅ परन्तु प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जानकारी होते ही मुझे बार्डर से कोरंनटाइन सेण्टर पहुॅचा दिया गया। उस समय मुझे बहुत ही बुरा लगा था लेकिन जब मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी, तो मुझे यह एहसास हुआ कि प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने मेरे साथ अच्छा किया था क्योंकि मुझे कोई लक्षण नहीं दिख रहे थे और यदि मैं घर चला गया होता, तो अपने परिवारजन को भी संक्रमित कर देता और मुझे बहुत दुःख और आत्मग्लानि होती। तो बाहर से आने वाले लोगों के लिए मेरा यह संदेश है कि आते समय माॅस्क लगाकर और लोगों से लगभग डेढ़ मीटर की दूरी बनाकर कर रखें। चोरी छिपे अपने घर जाने के स्थान पर गाॅव के बाहर बने सरकारी विद्यालय में चले जायें, अपने आने की सूचना प्रशासन, कन्ट्रोल रूम और स्वास्थ्य विभाग को जरूर दें, वहां 14 दिन रहें। प्रशासन, प्रधान जी आपके रहने, खाने आदि की जरूरी व्यवस्था वहां कर देंगें। जहां आपको रखा जाए वहां भी आप एक दूसरे से दूरी बनाकर मास्क आदि पहनकर रहें। मैं जहां रखा गया था मेरे 4 और साथी वहां रखे गये थे लेकिन आपस में बात करते समय भी हम लगभग डेढ़ मीटर की दूरी बनाकर रखते थे, जिससे मेरे 04 और साथी की रिपोर्ट निगेटिव आयी। स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में रहने के कारण मेरा रिजल्ट निगेटिव आया यदि मैं घर चला गया होता, तो मुझे पता भी नहीं चलता और मैं इसे कन्ट्रोल नहीं कर पाता । तो यह उपाय अपनाकर आप स्वयं सुरक्षित रहेंगें और अपने परिवार को संक्रमण से बचा सकेंगें।कोरेन्टाइन सेण्टर पर योग कराया जाता था, एक दूसरे से दूरी बनाकर रखने हेतु हिदायत दी जाती थी, थोड़ी-थोड़ी देरे में हाथ धुलाया जाता था। खाने में मसाला आदि कम होने की शिकायत कि हम मजदूर हैं पर सादा भोजन दिया जाता है। और कहा जाता है कि स्वास्थ्य के हिसाब से यह ठीक है। गोण्डा के जिस अस्पताल में मुझे रखा गया वहां पर भी स्वास्थ्य विभाग की कर्मचारियों ने मेरी बहुत सहायता की उन लोगों का व्यवहार बहुत अच्छा था। उनकी अच्छी देखभाल से मैं स्वस्थ हो गया।

अनिल कुमार गुप्ता देवीपाटन मंडल ब्यूरो

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