कोरोना योद्धा बनकर मरीजों की मदद में जुटे एंबुलेंस कर्मी

by naseem
46 views


जालौन।
कोरोना काल में स्वास्थ्य और सफाई कर्मचारियों के अलावा एंबुलेंस कर्मचारी भी कोरोना योद्धा बनकर मुस्तैदी से सेवा में जुटे हैं। वह सड़क हादसों, गंभीर रोगियों, गर्भवती के साथ कोरोना मरीजों की भी सेवा कर रहे हैं। दिन हो या रात एंबुलेंस कर्मचारी कोरोना मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने में जुटे हुए है। कोरोना संक्रमण के दौर में अपनी जान की परवाह किए बिना एंबुलेंस कर्मी पूरी तन्मयता से काम में जुटे है।
एंबुलेंस सेवा के मंडलीय प्रभारी दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि जैसे ही कंट्रोल रुम से सूचना आती है। हमारी टीम के सदस्य एंबुलेंस लेकर मौके पर पहुंचकर सेवा देने का काम करते है। एंबुलेंस कर्मियों को उनकी सेवा भावना पर सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा भी सम्मानित भी कर चुके है। उन्होंने बताया कि जिले में 108 नंबर की 23 एंबुलेंस सेवाएं दे रही है, जिनसे जनवरी माह में 3346, फरवरी में 3152, मार्च में 2718, अप्रैल माह में 1887, मई में 2629, जून में 2181, जुलाई में 2036 और अगस्त में 1854 लोगों को सेवाएं उपलब्ध कराई हैं । इसी तरह गर्भवती के लिए संचालित 102 नंबर की 21 एंबुलेंस हैं, जिनसे जनवरी में 5152, फरवरी माह में 5003, मार्च में 4780, अप्रैल में 2755, मई में 1760, जून में 2348, जुलाई में 4250 और अगस्त माह में 1607 गर्भवती को सेवाएं दी है। मंडल प्रभारी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में एंबुलेंस सेवा पहुंचने का समय 30 मिनट और शहरी क्षेत्र में 20 मिनट है, जबकि 108 नंबर एंबुलेंस के मौके पर पहुंचने का समय 15 मिनट है। उन्होंने अपील की है अनुरोध किया कि जिसे भी एंबुलेंस की जरूरत पड़े तो समय रहते ही सूचना दे।


कोरोना मरीजों की सेवा में तत्पर
कोरोना मामलों में चार एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) की एंबुलेंस काम कर रही है। इनके जरिये मरीजों को झांसी, कानपुर, लखनऊ तक शिफ्ट किया गया हैए । जिसमें मार्च माह में 10, अप्रैल में 70, मई में 104, जून में 96, जुलाई में 105 और अगस्त में 90 कोरोना मरीजों को जिले के बाहर के अस्पताल में भर्ती कराया गया।



एंबुलेंस में ही कराई डिलेवरी
एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि गुरुवार को डकोर क्षेत्र के ऐर निवासी सरिता (28) पत्नी मोहन को प्रसव पीड़ा हुई। 102 नंबर पर काल मिलने के बाद एंबुलेंस कर्मी ईएमटी मानवेंद्र और पायलट अमित एंबुलेंस लेकर गांव पहुंचे। रास्ते में तेज प्रसव पीड़ा होने पर दोनों स्टाफ ने परिजनों की मदद से एंबुलेंस में ही डिलेवरी कराई। महिला ने लड़के को जन्म दिया। जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ है। इससे बाद महिला को जिला अस्पताल लाया गया। ईएमई दीपक, हेल्थ डेस्क की अंजू वर्मा, सनोज कुमार, नरेंद्र आदि ने स्टाफ की सराहना की।



सड़क खराब होने के बावजूद मिली सुविधा
सरिता के पति मोहन ने बताया कि उन्होंने सुबह दस बजे एंबुलेंस के लिए काल की थी। उनके गांव जाने की सड़क खराब है, इसके बावजूद आधा घंटे बाद यानी साढ़े दस बजे एंबुलेंस आ गई है। यह उनकी तीसरी संतान है। दो बेटियों के बाद बेटा हुआ है। जच्चा बच्चा स्वस्थ है। वे एंबुलेंस सेवा और सरकार को धन्यवाद देते है। उन्होंने बताया कि एंबुलेंस स्टाफ ने उनसे कहा कि जब वे अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर जाएंगे तो भी उन्हें एंबुलेंस सेवा मुहैया कराई जाएगी। यह अच्छी बात है।

रिपोर्ट– नसीम सिद्दीकी

Related Posts