खस्ताहाल सड़कों से क्षेत्रवासियों को निकलना दूभर , ग्रामीण परेशान

by News Desk
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फतेहपुर :- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत गांव गांव बयार व गड्ढा मुक्त का आइना दिखाने वाली सरकार का सपना विभागीय अधिकारियों व जिम्मेदाराना अधिकारियों के नीतियों के चलते दिखाई नही दे रहा है।

ऐसा ही मामला धाता क्षेत्र के बेलांवा, उरई व अढईया सलेमपुर मोदापुर रानीपुर दामपुर मखौवा मोरंग खदान के करीब आधा दर्जन मौरंग खण्ड एवं करीब एक दर्जन गांव की इकलौती मुख्य सड़क आजादी के 73 साल बाद भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। क्षेत्रवासियों को कार, एंबुलेंस व अन्य संसाधनों से निकलना मुश्किल हो गया है।


धाता विकास खण्ड अन्तर्गत बेलांवा, उरई ,अढईया सलेमपुर मोदापुर रानीपुर दामपुर से समेत एक दर्जन गांव की मुख्य सड़क आजादी के 73 साल बाद भी बदहाली जैसी स्थिति हैं। जिसका निर्माण करीब 2 वर्ष पहले लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया गया था।

जिसकी लंबाई करीब 10 किलोमीटर है। जो पिछले 2 साल में चले ओवरलोड मोरंग खदान के वाहनों से टूटकर बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। और क्षेत्रवासियों को कार, एंबुलेंस व बाइक आदि से निकलना मुश्किल है। यह पूरे क्षेत्र की इकलौती सड़क है। जहां से थाना ब्लाक तहसील जिला के लिए लोग प्रतिदिन सैकड़ों हजारो से अधिक की संख्या में निकलते हैं।


क्षेत्रीय समाजसेवी प्रधान सैदपुर ओम नारायण निषाद लल्लू सिंह निषाद हरिमोहन सिंह सलेमपुर पूर्व प्रधान शिवभूषण सिंह मुंशी तिवारी उरई छेदी लाल सिंह समर सिंह गुड्डू सिंह कुलदीप सिंह जितेंद्र सिंह लवलेश सिंह आदि ने बताया कि इस सड़क से प्रतिदिन हजारों की संख्या में राहगीर थाना ब्लाक से लेकर जिला के लिए निकलते हैं।

जो सड़क पूरी तरह टूटकर गड्ढों में तब्दील हो गयी है। इसके बाद भी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि , जिम्मेदार अधिकारी, क्षेत्र के विकास व मुख्यसड़क के लिए कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि शासन को इस क्षेत्र से चलने वाली मौरंग खदान से प्रतिदिन लाखों का राजस्व मिलता है।

जिसका कुछ हिस्सा क्षेत्र के विकास में लगाने का प्रावधान भी है। परन्तु आज तक मौरंग खदान के नाम पर क्षेत्र में विकास के नाम पर लूट हुई है एक मुख्य सड़क तक नहीं बनी।

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