राजस्थान।। सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नाम नहीं लिए बगर बागी सचिन पायलट पर कटाक्ष करते हुए मीडिया से कहा,अच्छा लुक होने और इंग्लिश में बाइट देने से बेशक जनता को लुभाकर कुछ दिनों के लिए लोकप्रियता हासिल की जा सकती है लेकिन जनता से हमेशा जुड़े रहने के लिए जमीन से जुड़ कर काम करना भी आवश्यक है।कांग्रेस में चालीस साल से लगातार मेहनत कर लोग पार्टी के प्रभावशाली पद तक पहुंचे है।बिना मेहनत किए शार्ट कट से मंत्री बना देने से काम नहीं चलता।हैंडसम दिखने और अच्छी अंग्रेजी बोलने से जनता को लंबे समय तक गुमराह नहीं किया जा सकता है।सोने की छुरी खाने के लिए नहीं होती है।*
*उल्लेखनीय है कि 1984 के चुनाव में स्वर्गीय पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की वजह से देश की जनता की हमदर्दी और राजीव गांधी की कांग्रेस पार्टी में युवा नेता के रूप में शानदार लुक और अंग्रेजी भाषा पर पकड़ की वजह से ही रिकार्ड बहुमत मिला था लेकिन यह लुक 1989 के चुनाव में ढह गया था और कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था।बहरहाल सूबे में गहलोत अपनी सरकार बचाने को लेकर कॉन्फिडेंस है लेकिन सचिन पायलट के चेहरे पर थोड़ी मायूसी देखी गई।सचिन पायलट ने भी गहलोत पर जनता के काम नहीं करने का और उनकी प्रशासनिक उपेक्षा करवाने का आरोप लगाया है।सनद रहे मुख्यमंत्री गहलोत का पायलट पर कटाक्ष जनता को रास नहीं आ रहा है।जनता की मानें तो प्रदेश में डूबती कांग्रेस को सचिन पायलट की मेहनत ने ही जिंदा कर सूबे में सरकार बनाने लायक बहुमत दिलाया था।गहलोत ईष्या के चलते सचिन पर कटाक्ष कर रहे है। जनता ने सवाल किया है कि क्या गहलोत अपनी व्यक्तिगत छवि और सरकार के कार्यो को लेकर अगले विधानसभा में बहुमत लाकर सरकार बना पाएंगे

लेखन- राजीव श्रीवास्तव की क़लम से