चीनी मिल का गंदा पानी दे रहा बिमारियों को न्योता,गंदा पानी पीने को मजबूर हैं ग्रामवासी

by News Desk
17 views

पलियाकलां-खीरी :- आपको बता दें लखीमपुर खीरी जिले के तहसील पलिया में ग्रामीणों मैं उस समय आक्रोश आ गया जब कई बार शिकायत करने के बावजूद भी मिल प्रशासन के द्वारा गंदे पानी को रोकने के लिए कोई भी उचित कार्यवाही नहीं की गई इसके चलते आक्रोशित ग्रामीणों ने पूर्व में जिलाधिकारी खीरी को एक ज्ञापन सौंप कर मिल प्रशासन के खिलाफ उचित कार्यवाही की मांग की थी।

लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई।
दरअसल तहसील पलिया की एकमात्र बजाज चीनी मिल की चिमनियों से निकलने वाली काली राख जहा लोगों के लिये जी का जंजाल बन हुई है । तो वही कई वर्षों से चीनी मिल से निकलने वाला रसायनिक गंदा पानी भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है ।

गंदे पानी की वजह से गांव में कई गंभीर बीमारियों ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिया है ।जिस की रोकथाम करने के लिए ग्रामीणों ने मिल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर पूर्व में एक ज्ञापन जिला अधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह को सौंप कर मिल प्रशासन के खिलाफ उचित कार्यवाही करने की मांग की थी ।

ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने बताया है कि पलिया क्षेत्र में एक मात्र चीनी मिल बजाज हिदुस्तान लिमिटेड हैं। इसमें पिछले काफी वर्षो से मिल की चिमनियों से निकलने वाली काली राख लोगों के जी का जंजाल बनी हुई है। तो वहीं चीनी मिल से निकलने वाला गंदा पानी लोगों को कई तरह की गंभीर बीमारियां को न्योता दे रहे हैं।

मिलों का गंदा पानी खुलेआम नदियों में जा रहा है, लेकिन अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं, हालांकि मिलों के अधिकारियों का कहना है कि वे लोग पानी का शोधन करने के बाद ही नदियों में छोड़ते हैं।परंतु हकीकत कुछ और बयां करती है।


चीनी मिलों में एक टन गन्ने की पेराई पर लगभग दो सौ लीटर पानी खर्च होता है। इस दौरान यह पानी बेहद ही गंदा और जहरीला हो जाता है। नियमानुसार गंदे पानी को साफ कर सिंचाई आदि के काम में लाया जाना चाहिए।

परंतु पानी को साफ करने पर भारी खर्च आने के कारण मिल के अधिकारी गंदे पानी को सीधे नजदीक ही निकलने वाले कच्चे नाले में गिरा रहें हैं और यह नाला पलिया क्षेत्र के आस पास के गांव छोटी पलिया, बड़ा गांव, पट्टी पतवारा, सरखना पूरब और पश्चिम सहित अन्य गावों से होकर निकाला गया है।

और इस गंदे नाले के कारण गावों का पीने का पानी भी प्रदूषित हो रहा है जो की गंभीर समस्या है ।वैसे जानकारी के लिये आपको यह भी बता दे कि पानी को साफ करने के लिए मिलों में ईटीपी (प्रदूषण नियंत्रण संयंत्र) लगा होता है। समय समय पर प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी इसका निरीक्षण भी करते हैं।

परंतु उनका निरिक्षण कैसे होता है यह सोचनीय विषय बन जाता है। कई बार ग्रामीण डेवलपमेंट सर्विसेज (ग्राम जल प्रबंधन समिति ) के द्वारा पानी की जांच की गई के उनके द्वारा बताया गया कि इससे सटे गांव का पानी बेहद खराब है।

रिपोर्ट फिरदौश इदरीशी

Related Posts