कोरोना वायरस के कारण प्रभावित हो रहे शिक्षासत्र के दौरान उपराष्ट्रपति वैंकैया नायडू ने छात्रों को रचनात्मक गुर सिखाये। स्थिति सामान्य होने में समय लगने की उम्मीद जताते हुए। उन्होंने छात्रों को सलाह देते हुए कहा कि इस दौरान छात्र मोबाइल फोन में समय खराब न कर, एक नई भाषा सीखें। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालयों को टेक्नाॅलाजी के माध्यम से आॅनलाइन कोर्स जारी रखने की भी सलाह दी।

विभिन्न विश्वविद्यालयों को वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के जरिए संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक चुनौती का समय है। साथ ही इस चुनौती ने भविष्य के नये आयाम भी खोले है। उपराष्ट्रपति ने विश्वविद्यालयों तथा शिक्षण संस्थानों से कहा, छात्रावासों में रहने वाले छात्रों के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करें। सरकार और स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा दिए गए सोशल डिस्टेंसिंग जैसे निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।

नायडू ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि लाकडाउन के दौरान वे प्रकृति के साथ कुछ समय बिताएं, कुछ व्यायाम करते रहें, आरामतलब जीवनशैली का त्याग करें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।

उपराष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपने क्षेत्र के किसी समाजसेवी संगठन से जुड़ कर समाज सेवा के कार्य भी कर सकते हैं। उन्होंने अपेक्षा की कि विद्यार्थी और सभी नागरिक सरकार द्वारा समय समय पर जारी किए जा रहे निर्देशों का कड़ाई से पालन करेंगे।