बलरामपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र के नाम सम्बोधन के बाद जिले में कोवैक्सीन के टीकाकरण की शुरूआत की गई। प्रधानमंत्री के आवाहन पर संयुक्त जिला चिकित्सालय के टीकाकरण केन्द्र पर सबसे पहले एक सफाईकर्मी और वाहन चालक का टीकाकरण कर वैक्शीनेशन की शुरूआत की गई। जिले में वैक्सीन लगवाने के लिए फ्रंटलाइन वर्करों में उत्साह देखेने को मिला।

शनिवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय के टीकाकरण केन्द्र पर चिकित्सक,मेडिकल स्टाफ,फ्रंटलाइन वर्कर सभी टीकाकरण केन्द्र के बाहर कतार में खड़े अपनी बारी का इंतजार करते नजर आये। गेट पर वेरीफिकेशन के बाद वेटिंग एरिया में लाभार्थी को बैठाया गया। जिसके बाद टीकाकरण कक्ष में लाभार्थी को कोवीशील्ड का टीका लगा। टीका लगने के बाद आॅब्जर्रेशन रूम में करीब 30 मिनट तक लाभार्थी को रखा गया। जिसके बाद उन्हे घर जाने दिया गया। संयुक्त जिला चिकित्सालय में कोवीशील्ड का टीका लगने के बाद चिकित्सकों में गजब का उत्साह देखने को मिला। सभी आॅब्जर्रेशन रूम में विक्ट्री दिखाकर खुशी मनाते नजर आये। सीएमओ डा. वी.बी.सिंह ने बताया जिले में एक शहरी व दो ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रथम चरण में 300 स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण किया जाना है जिसमें से जिले में तीन बजे तक करीब 205 स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जा चुका है। साढ़े चार बजे तक करीब 95 प्रतिशत लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। पूरी तरह सुरक्षित है वैक्सीन,टीका लगवाने की अपील केन्द्र पर सबसे पहले टीका लगवाने वाले अस्पताल के सफाईकर्मी अनुज श्रीवास्तव व सीडीएच के वाहन चालक रामप्रीत ने वैक्सीन लगवाने के बाद खुशी जाहिर की और सभी को जागरूक करते हुए वैक्सीन लगवाने की अपील की।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विजय बहादुर सिंह ने वैक्सीन लगवाने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया। सीएमओ ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि भारत में बनी वैक्सीन पूरी तरह से सेफ है। वैक्सीन से डरने की नहीं बल्कि आगे आकर कोरोना से बचाव के लिए टीका लगवाने की जरूरत है। प्रतिरक्षित लोगों को 15 फरवरी को वैक्सीन की दूसरी डोज दी जाएगी।
बिना पंजीकरण के नही लगेगी वैक्सीन
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ बी.पी. सिंह ने बताया कि कोई व्यक्ति बिना पंजीकरण के कोरोना वैक्सीन नहीं प्राप्त कर सकता है। कोरोना वैक्सीनेशन के लिए पंजीकरण के बाद ही सत्र स्थल और समय की जानकारी दी जायेगी। फोटो आईडी पंजीकरण और सत्यापन दोनों के लिए जरूरी है। ऑनलाइन पंजीकरण के बाद लाभार्थी को वैक्सीनेशन की नियत तिथि,स्थान और समय के बारे में मोबाइल पर एसएमएएस प्राप्त होगा। कोरोना वैक्सीन की उचित खुराक मिलने पर लाभार्थी को उनके मोबाइल नंबर पर एक क्यूआर कोड आधारित प्रमाण पत्र भी भेजा जायेगा।
इनको लगेगा पहले टीका
हर सेंटर पर एक दिन में केवल 100 लोगों को ही टीका लगेगा। वैक्सीन की उपलब्धता के आधार पर प्राथमिकता वाले समूहों का चयन किया गया है,जिन्हे अधिक जोखिम होने की वजह से वैक्सीन पहले लगाई जा रही है। पहले समूह में स्वास्थ्य कर्मी एवं फ्रंटलाइन वर्कर शामिल है। दूसरे समूह में 50 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति और 50 वर्ष से काम आयु के गंभीर रोगों से ग्रसित व्यक्ति शामिल है। पहले चरण के टीककरण के बाद बाकी लोगों को को-विन एप में रजिस्टर होकर टीका लगवाना होगा। को-विन एप अभी केवल पहले चरण वाले लोगों का पंजीकरण कर रहा है। सभी स्वास्थ्य कर्मियों को टीका निःशुल्क लगेगा।
ऐसी स्थिति में न लें टीका
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है जिन लोगों की दवा या किसी प्रकार के खाने की एलर्जी है वह यह टीका न लगवाए,गर्भवती,धात्री या ऐसी महिलायें जिन्हे गर्भवती होने की संभावना लग रही है उनको भी यह टीका नहीं लगवाया चाहिए। यह टीका 18 वर्ष से काम की उम्र के बच्चों के लिए भी नहीं है।
-टीकाकरण के बाद भी इन नियमों का पालन जरूरी
मास्क का इस्तेमाल,नियमित साबुन पानी से हाथ धोना,हैंड सेनिटाइजर का इस्तेमाल,6 फीट की शारीरिक दूरी रखने का पालन, कोविड के लक्षण दिखने पर सेल्फ आइसोलेशन,कोविड के लक्षण होने की आशंका पर जांच।

अनुपस्थित की बनेगी सूची

शनिवार को शुरू हुये कोविड-19 टीकाकरण अभियान के दिन कई ऐसे लोग भी रहे जिनका नाम कोविन पोर्टल पर पंजीकृत था लेकिन वह टीकाकरण के समय नहीं आए। अनुपस्थित लोगों की अब एक अलग सूची तैयार होगी। इन लोगों को टीकाकरण के लिए अलग से समय दिया जाएगा।

सत्यापन के लिए आवश्यक

अगर आप कोविड-19 टीकाकरण के लिए जा रहे हैं तो अपना एक पहचान पत्र ले आना न भूलें। इसमें आधार कार्ड,ड्राइविंग लाइसेंस,वोटर आइडी एवं पैन कार्ड,पासपोर्ट, जॉब कार्ड,पेंशन दस्तावेज,मनरेगा कार्ड स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड,सांसदों,विधायकों, एमएलसी को जारी आधिकारिक प्रमाण पत्र,बैंक,पोस्ट ऑफिस की पासबुक,केंद्र, राज्य सरकार या पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी सेवा आईडी कार्ड आदि में कोई एक हो सकता है।

रिपोर्ट : अनिल कुमार गुप्ता