गोंडा/कर्नलगंज:- सरकार कितना भी फर्जीवाड़ा बंद करने का योजना बनाएं लेकिन बिफल नजर आ रही है प्रशासन द्वारा झोलाछाप डॉक्टरों पर आए दिन शिकंजा कसा जा रहा है लेकिन नाकामयाब दिख रही है जनपद गोंडा के कर्नलगंज अंतर्गत रायपुर चरसड़ी चौराहे पर अवैध झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा क्लीनिक को दुल्हन की तरह सजा कर रखी है इस पर क्लीनिक पर रूही पाली क्लीनिक का बोर्ड सजा है जिस पर डॉक्टर सुधीर सिंह नाम भी है जब डॉक्टर सुधीर सिंह नाम के बोर्ड पर लिखा मोबाइल नंबर से संपर्क किया गया तो पता चला कि यह क्लीनिक डॉक्टर सुधीर सिंह का नहीं है ग्रामीणों से जब जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि अभी एक महीना पहले डॉक्टर साहब दुकान किए हैं पड़ोस के रहने वाले हैं तथा कहीं इलाज करने गए हैं शाम को इनके यहां मरीजों का भरमार होती हैअब सरकार और प्रशासन डाल डाल तो झोलाछाप डॉक्टर पात पात की कहावत सटीक बैठ रही है ग्रामीण अंचलों में भोली भाली जनता को लाल पीली दवा दे करके उनके जेब पर सीधा डाका डालना इन झोलाछाप डॉक्टरों का काम हो गया है उस इलाके में कई क्लीनिक ऐसे चल रहा है जिनका ना तो कोई डिग्री है ना ही कोई लाइसेंस अथवा रजिस्ट्रेशन है दवा तो गारंटी के नाम पर करते नजर आए हैं और तो और हद तो तब हो गई जब वहीं पर एक डॉक्टर सत नाम क्लीनिक डाक्टर बी डी यादव के बोर्ड पर लिखा देखा गया की दाद की दवा ₹220 में 100% गारंटी फायदा ना होने पर पैसा वापस।

जबकि न तो डाक्टर साहब के पास कोई रजिस्ट्रेशन है जब जानकारी ली गई तो डाक्टर यादव ने बताया कि यह क्लीनिक डॉक्टर अवधेश का है जो कि जरवल रोड में प्रैक्टिस करते हैं जब उसे पता किया गया तो पता चला कि हमारी क्लीनिक नहीं है अब देखना यह है कि जो ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टर चैलेंज अथवा गारंटी के नाम पर इलाज करता है भोली भाली जनता को चूना लगता है तो क्या प्रशासन अब इन डॉक्टरों के ऊपर कोई कानूनी कार्रवाई करती है या इनको इसी तरह बेलगाम भोली-भाली जनता के जेब पर डाका डालने के लिए प्रोत्साहित करती है

रिपोर्ट राहुल तिवारी जिला संवाददाता गोंडा