टाइगर रिजर्व में युवा बाघ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मौत

by vaibhav

पन्ना(मध्य प्रदेश) :- टाइगर रिजर्व में एक अजीबोगरीब हादसा मध्यप्रदेश का पन्ना टाइगर रिजर्व बाघों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की घटनाओं और उनके अंगों को यहां सक्रिय शिकारी-तस्कर गिरोह के द्वारा काट कर ले जाने की वजह से सुर्ख़ियों में बना है। बाघों की सुरक्षा-निगरानी व्यवस्था की अत्यंत ही चिंताजनक स्थिति के उजागर होने और बाघ पी-123 के सिर तथा दूसरे अंगों के गायब होने की सच्चाई को छिपाने के बेहद संगीन आरोपों के चलते पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन सवालों के घेरे में है। युवा बाघ के अंगों के गायब होने के मामले की जांच कर रही स्टेट टाइगर स्ट्राइक फ़ोर्स भोपाल की टीम ने हाल ही में पन्ना एवं पड़ोसी जिला छतरपुर में सक्रिय वन्य जीवों के अंगों की तस्करी करने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सरगना समेत चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से एसटीएसएफ की टीम ने तेंदुए और चीतल की चार खालें जब्त की हैं। चीतल का शिकार करने के बाद बाघिन के द्वारा खाया गया उसका पिछला हिस्सा।

चौंकाने वाले इन खुलासों से मचे हड़कम्प के चलते पिछले सप्ताह प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी आलोक कुमार पन्ना के दौरे पर आए थे। इस दौरान उनके द्वारा एटीएसएफ से अलग बाघ पी-123 के अंग गायब होने एवं इस घटनाक्रम के तथ्यों को छिपाने के मामले की विस्तृत जांच की गई। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी आलोक कुमार ने यहां पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा में यह दावा किया था कि, हालिया चिंताजनक घटनाओं के बाबजूद पन्ना में बाघों का संसार पूरी तरह सुरक्षित है और इनका भविष्य उज्जवल है। उन्होंने तमाम आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा था, पन्ना अब कभी पुनः बाघ विहीन नहीं होगा। लेकिन पन्ना के जमीनी हालात इन दावों से मेल नहीं खाते। पन्ना टाइगर रिजर्व का अमला जब कथित तौर पर हाई अलर्ट पर तब भी वहाँ शिकारी सक्रिय हैं। पार्क की अमानगंज बफर रेंज अंतर्गत मझौली बीट में सामने आई एक घटना इस बात का प्रमाण है।

रिपोर्ट :- रोहित शर्मा

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