डिजिटल इंडिया के सपनो पर बट्टा लगा रहे नेटवर्क कंपनियां

by News Desk
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रूपईडीहा(बहराइच):-: भारत-नेपाल सीमा स्थित कस्बा रुपईडीहा के लोग इन दिनों खराब नेटवर्क समस्या का दंश झेल रहे है । प्रतिस्पर्धा के इस दौर में जहां निजी कंपनियां उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने का वादा करती है वहीं अब भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) का खराब नेटवर्क उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बन गया है हालत यह है कि थके हुए नेटवर्क जियो और एयरटेल के बाद अब बीएसएनएल खराब होने की दशा में पूरे दिन सुस्त नेटवर्क होने से दिक्कत और बढ़ गई है।
आपको बताते चलें कस्बा रुपईडीहा क्षेत्र में कस्टम विभाग, एसएसबी कार्यालय,थाना कार्यालय,पोस्ट ऑफिस, कई बैंकिंग संस्थाएं,5 महाविद्यालय,10 इंटर कॉलेज, रेलवे स्टेशन,रोडवेज स्टैंड तथा केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार की कई संस्थाओं के इंटरनेट कनेक्टिविटी अच्छा नहीं होने के कारण कार्य बाधित होते रहते है परंतु इस ओर शासन और प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है ।

कई बार कस्बा के संभ्रांत लोगों ने उच्च अधिकारियों को नेटवर्क से संबंधित समस्याओं से अवगत कराया लेकिन समस्याएं जस की तस बनी हुई है ।
इस बार स्वच्छता अभियान एवं विकास समिति के लोगों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री,गृह मंत्रालय व सूचना मंत्रालय को कस्बा के नेटवर्क समस्या से अवगत कराते हुए जल्द से जल्द इंटरनेट कनेक्टिविटी अच्छा करने की मांग की है ।

भारत के प्रधानमंत्री भारत को डिजिटल बनाने का अथक प्रयास कर रहे हैं लेकिन जियो,एयरटेल और अब बीएसएनएल भारत नेपाल को जोड़ने वाले अति संवेदनशील कस्बा रुपईडीहा से डिजिटल इंडिया का सपना कोसों दूर दिखाई दे रहा है ।

कस्बा कि अगर ज्वलनशील समस्याओं के बारे में बात की जाए तो पहले पायदान पर नेटवर्क की ही समस्या हर लोगो के जुबान से सुनने को मिलती है चाहे बीएसएनएल का ब्रॉडबैंड हो या अन्य मोबाइल कंपनियों के नेटवर्क की सुविधाएं इलाके में पूरी तरह से शून्य ही नजर आती हैं ।

क्षेत्र में नेटवर्क की समस्या का खमियाजा पीडीएस लाभुकों को भी उठाना पड़ रहा है। मशीन में अंगूठा लगाने के लिए उन्हें दुकानदार के साथ नेटवर्क की खोज में इधर उधर भटकना पड़ता हैं। लाभुक बताते हैं कि जब से ऑनलाइन व्यवस्था हुई है तब से परेशान हैं। जन वितरण प्रणाली के दुकानदार का कहना है कि जब तक अंगूठे का निशान मशीन में नहीं लगेगी तब तक किसी लाभुक को राशन नहीं दिया सकता यह सरकारी आदेश है।

रिपोर्ट -:- रईस अहमद

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