डीएम जनपद में शुरु हुई होम आईसोलेशन की सुविधा

by News Desk
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हापुड़ :- जिलाधिकारी अदिति सिंह ने बताया कि कोरोना से जूझते हुये देश व प्रदेश को 6 माह से भी ऊपर हो गया है, लेकिन इसके बचाव के लिए प्रत्येक स्तर पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। जनपद में प्रतिदिन ज्यादा से ज्यादा लोगों की स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु पूरा देश अनलॉकडाउन है। जनपद हापुड़ मे मेडिकल क्वारंटाइन मे रखे गये सभी 906 व्यक्तियो को स्वस्थ्य होने पर डिस्चार्ज किया गया।

जनपद में अब होम आइसोलेशन की भी मंजूरी हो गयी है। जिन कोरोना संक्रमितों को लक्षण नहीं हैं, उन्हें सरकार द्वारा प्रतिपादित गाइडलाइन के अनुसार घर पर आइसोलेट होने की मंजूरी दी जा रही है।

वर्तमान में जनपद में 9783 व्यक्तियो को होम क्वारंटाइन मे रखा गया है, जिसमे में 9783 व्यक्तियो की अवधि पूर्ण हो गयी है |

जनपद मे अनलाकडाउन-03 का पालन कराया जा रहा है। जनपद मे 227 पाजिटिव क्षेत्र को कन्टेनमेन्ट जोन बनाया गया है। नगरीय क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में 186 सर्विलान्स टीम लगाकर डोर-टू-डोर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है।

साथ ही साथ समस्त नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई सेनेटाइजेशन का कार्यक्रम चल रहा है। महामारी अधिनियम के अन्तर्गत उलंघन करने वाले व्यक्तियों पर एफ0आई0आर0 तथा गिरफ्तारी की कार्यवाही की गयी है।


उन्होंने बताया कि जनपद हापुड़ मे कोरोना वायरस की जॉच हेतु अब तक कुल 77217 नमूना लिया गया जिसमे से 75904 नमूना की जाँच प्राप्त हुयी। 1313 नमूनो की जॉच रिपोर्ट आना शेष है।

जनपद हापुड़ मे कोरोना पॉजिटिव मरीजो की कुल संख्या 1559 है, जिसमे से 1445 मरीज ठीक हो गये तथा 22 व्यक्ति की मृत्यु हो गयी है। अवशेष 92 मरीज का इलाज चल रहा है।

जनपद में टेलीमेडिसिन (ई-संजीवनी) ओपीडी सेवा भी संचालित हैं।
वैश्विक महामारी कोरोना के चलते लोगों को अस्पताल के चक्कर न लगाने पड़ें, इसको ध्यान में रखते हुए घर बैठे चिकित्सीय परामर्श सेवा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा टेलीमेडिसिन (ई-संजीवनी) ओपीडी सेवा शुरू की गयी है।

जिससे कि अस्पतालों में अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित कर कोरोना के खतरे को कम किया जा सके और जन समुदाय को सुलभता और सरलता से परामर्श सेवाएं प्राप्त हो सकें।

कोविड-19 के साथ मच्छर जनित रोगों से बचाव में लगा विभाग
जहां एक और कोविड-19 से लोग जूझ रहे है, वही बारिश के मौसम में मच्छर जनित रोगों जैसे मलेरिया, डेंगू के फैलने की संभावना बढ़ जाती है। जिला मलेरिया अधिकारी आर के गुप्ता ने बताया।

कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा अगस्त से नवंबर तक जागरूकता कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। जनपद के शहरी क्षेत्र में टीम के माध्यम से प्रत्येक दिन वार्ड को कवर किया जा रहा है। टीम के द्वारा जनता को जलभराव न होने देने का संदेश दिया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में कोविड-19 के संक्रमण को प्रभावी ढंग से रोके जाने के लिए लगातार प्रभावी ढंग के साथ काम किए जा रहे हैं लोगों को मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।

तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाए जाने की कार्यवाही भी लगातार की जा रही है। वीकेंड के लॉक डाउन के उल्लंघन पर वाहनों का चालान व सीज़ किया जा रहा है।

रिपोर्ट अतुल त्यागी

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