गोण्डा:- जिले का मोतीगंज थाना हो या वजीरगंज, मनकापुर हो या करनैलगंज हर जगह फरियादियों को सिर्फ फटकार मिलती है। यह हाल सिर्फ इन्हीं थानों का नहीं है, बल्कि जिले के सभी 18 थानों पर न्याय की उम्मीद पर सिस्टम भारी है। यही वजह है कि पुलिस अधीक्षक से लेकर अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ व डीआईजी तक के यहां फरियादियों की भीड़ लग रही है, लेकिन आला अफसर इससे अंजान बने हुए हैं कि आखिर पीड़ित उनके यहां अपनी फरियाद लेकर क्यों आ रहे हैं?

मोतीगंज थाना क्षेत्र के भरोसा गांव निवासी एक बुजुर्ग की जमीन पर जबरन कब्जा किया जाने लगा। वह भागकर थाने पर पहुंचा लेकिन वहां उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर उसने एसपी का दरवाजा खटखटाया। मनकापुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला रफीनगर निवासी एक महिला को दबंगों ने मारा-पीटा। वह अपनी फरियाद लेकर थाने पर पहुंची, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। करनैलगंज थाना कोतवाली क्षेत्र के कस्बा निवासी अलखराम को कुछ लोगों ने अकारण पीट दिया। वह थाने पर गया तो उसे वहां से भगा दिया गया।इसी तरह कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ला साहबगंज निवासी एक महिला अपनी फरियाद लेकर कोतवाली पहुंची और तहरीर के साथ ही ऑडियो रिकॉर्डिंग भी दी। इसके बाद भी नगर पुलिस कार्रवाई नहीं करती है। इतना ही नहीं, पीड़िता को यह कहकर करनैलगंज भेज दिया जाता है कि घटना वहां से संबंधित है।ये मामले तो महज बानगी हैं। हकीकत यह है कि थानों के हालात बहुत खराब हो चुके हैं। स्थिति यह है कि पीड़ित अपनी फरियाद लेकर थाने, चौकी या कोतवाली में जाना ही नहीं चाहते हैं। यही कारण है कि सीओ से लेकर अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक से लेकर पुलिस उपमहानिरीक्षक जैसे आलाधिकारियों के दरबार में भारी भीड़ उमड़ रही है।

रिपोर्ट राहुल तिवारी