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नाव हादसा : मांगा मुआवजा तो बोले पहले लाश लाओ 

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गोण्डा:- तरबगंज तहसील के कैथी घाट पर 21 जनवरी को हुए नाव हादसे में लापता तीन किसानों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। तीन-चार दिन तक रेस्क्यू आपरेशन चलाने के बाद प्रशासन भी पल्ला झाड़ कर अलग हो गया है। लापता किसानों के परिवारों ने जब मुआवजे की मांग उठाई तो तहसील प्रशासन ने बिना लाश और मृत्यु प्रमाणपत्र के मुआवजे से इंकार कर दिया है। अब पीड़ित परिवार नियमों के फेर में पिस रहे हैं। पीड़ित परिवारों ने मुख्यमंत्री से सहायता की मांग की है।
बता दें कि 21 जनवरी को रुदौली अयोध्या से ऐलीपरसौली आ रही नाव अचानक घाघरा नदी में पीपे के पुल से टकराकर पलट गई थी, जिसमें 28 लोग सवार थे। जिसमें से 24 लोगों को सकुशल बचा लिया गया था। इस हादसे में प्राथमिक विद्यालय आईली में तैनात शिक्षक संदीप गुप्ता की डूबने से मौत हो गई थी। जबकि आईली के निवासी नथाराम घोड़न पुरवा,केशव राम बधुवन पुरवा व जगन्नाथ टेपरहन पुरवा का प्रशासन के लाख कोशिशों के बावजूद एक सप्ताह बाद भी अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है।
तीनों लापता लोगों का पता लगाने के लिए एसडीआरएफ व पीएसी जल पुलिस टीम ने पांच दिन लगातार रेस्क्यू किया लेकिन परिणाम शून्य रहा।
बोले अधिकारी : एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि लापता के परिजनों की तरफ से मुआवजे की सहायता राशि की मांग की गई है। एसडीएम ने कहा, बिना मृत्यु प्रमाण पत्र के दुर्घटना सहायता राशि उपलब्ध नहीं कराई जा सकती है। शासन द्वारा नदी में डूबने पर 4 लाख रुपए की दुर्घटना सहायता राशि की व्यवस्था है।

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रिपोर्ट राहुल तिवारी जिला संवाददाता गोण्डा

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