निलंबित आरक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में मिली लाश

by News Desk
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छत्तीसगढ़(मुंगेली)-:- मुंगेली के खररी पारा विनोबा नगर कालीमाई वार्ड में रहने वाले निलंबित आरक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है ।उनकी लाश घर के सामने मौजूद बिजली के खंबे के तार से चिपकी हुई मिली। बताया जा रहा है कि बिजली के तार से चिपकने के कारण आरक्षक का एक हाथ और छाती के पास का हिस्सा बुरी तरह झुलस गया है। मूलतः हथनी कला गांव मुंगेली के निवासी आरक्षक राजेंद्र यादव को अप्रैल महीने में लोरमी क्षेत्र के जंगल में मध्य प्रदेश के बॉर्डर से शराब तस्करी कर लाने के मामले में दोषी पाते हुए सस्पेंड कर दिया गया था।

बताया जा रहा है कि तब से आरक्षक अवसाद में था। उसे लग रहा था कि उसके इस अपराध के बाद कुछ दिन उसे लूप लाइन में डालने के बाद उसकी बहाली हो जाएगी लेकिन लंबे समय से सस्पेंड रहने के बाद विभाग के प्रति उसका आकर्षण बढ़ता जा रहा था। बताया जा रहा है कि अक्सर वह अपने साथियों के साथ बातचीत में एक बार फिर से पुलिस की वर्दी पहनने की लालसा व्यक्त किया करता था।

इसलिए कयास लगाया जा रहा है कि शायद उसने डिप्रेशन में आकर खुदकुशी कर ली है । हालांकि उसकी मौत आत्महत्या की वजह से हुई है या फिर वह किसी हादसे का शिकार हुआ या पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है । घटना बुधवार रात करीब 9:00 बजे के आसपास की बताई जा रही है। राजेंद्र यादव की मौत के बाद उसके सहकर्मी भी मान रहे हैं कि विभाग ने उसके साथ कुछ ज्यादा ही सख्ती बरत दी, जिसके कारण उसने शायद यह कदम उठाया होगा। आपको याद दिला दें कि लॉकडाउन के दौरान लोरमी क्षेत्र की कांग्रेस नेता माया रानी के बेटे और मुंगेली जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष द्वारा किए जा रहे शराब तस्करी के मामले में कुछ पुलिसकर्मी भी उसके सहयोगी थे , जिनमें आरक्षक राजेंद्र यादव भी था । इस मामले में हुई कार्यवाही में जहां आरक्षक निलंबित किए गए थे । तबसे सस्पेंड चल रहे आरक्षक की मौत के बाद तो वह मामला एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। बंद बोतल के जिन के बाहर आने के बाद कयास लगाया जा रहा है कि लंबे वक्त से पुलिस विभाग से दूरी के कारण ही डिप्रेशन के चलते आरक्षक ने खुदकुशी जैसा कदम उठाया है।

प्रकाश झा की रिपोर्ट

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