कौशांबी :- त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की घड़ियां नजदीक आ रही है उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों को मतदाता सूची के संशोधन नाम बढ़ाने और हटाने में लगाया गया है मतदाता सूची ऑनलाइन है लेकिन मतदाता सूची में हेरा फेरी करने वाले अधिकारियों ने मतदाता सूची को ऑनलाइन लॉक कर दिया है।

जिससे अधिकारियों द्वारा मतदाता सूची संशोधन और नाम बढ़ाएं घटाए जाने की जानकारी से आम जनता अनभिज्ञ रहती है जिसका लाभ मतदाता सूची के संशोधन में लगे अधिकारी उठाते हैं और एक पक्ष से सांठगांठ कर फर्जी मतदाता सूची अंतिम समय में ऑनलाइन लोड कर देते हैं और जब अंतिम समय बीत जाने के बाद आम जनता मतदाता सूची देखती है।

तो संशोधन का समय खत्म हो जाता है फर्जी मतदाता सूची लोड करने में विकास भवन से जुड़े अधिकारी सफल हो जाते हैं जिससे चुनाव के समय विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है आखिर ऑनलाइन मतदाता सूची को क्यों लॉक किया गया है यह बड़ी जांच का विषय है और ऑनलाइन मतदाता सूची लॉक किये जाने के मामले में यदि शासन ने जांच कराई तो विकास भवन के अधिकारियों की बड़ी साजिश उजागर होगी।



रिपोर्ट श्रीकांत यादव