कानपुर। निजामुद्दीन के मरकज में शामिल जमाती अभी तक डॉक्टरों से बदसलूकी कर रहे थे। लेकिन जब उनकी जान पर बन आयी तो वह अपने परिवार को याद करके रो रहे हैं और डॉक्टरों से अपनी जान की भीख मांग रहे हैं।
शहर के सरसौल की सीएचसी लेवल वन में भर्ती बिजनौर का कोरोना पॉजिटिव 16 साल का जमाती अपने परिवार को याद कर रोया करता है। सीएचसी के डॉक्टरों की टीम उसे समझाती और ढांढस बंधाती है। वहीं, बरीपाल के बाप-बेटा भी एक ही वार्ड में रहकर कोरोना का इलाज करा रहे हैं। बिजनौर के रहने वाले किशोर जमाती को मछरिया से यहां लाया गया है। सीएचसी की टीम उसे दवा देेने के साथ भावनात्मक रूप से संभालने में लगी है। सीएचसी के प्रभारी डॉ. सीएल वर्मा का कहना है कि उसे स्टाफ लगातार समझाता रहता है। उसे अपने माता-पिता के साथ छोटे-भाई बहन की याद सता रही है। यह भी कहता है कि वह कब ठीक होगा?

सजेती के बरीपाल के जमात से जुड़े 56 वर्षीय जमाती का 23 वर्षीय बेटा भी कोरोना से संक्रमित है। बाप-बेटों को एक साथ कोरोना वार्ड में रखा गया है। सीएचसी में कोरोना संक्रमित अब कुल आठ रोगी हो गए हैं। इनमें चार कोरोना रोगी औरैया के हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जमाती अब किसी तरह की दिक्कत पैदा नहीं कर रहे हैं। वे दवाएं भी ले रहे हैं। इसके साथ ही बात भी मानते हैं। यह जरूर है कि एक साथ नमाज अदा करते हैं। वहीं डॉक्टर लगातार जमातियों से सभी नियम पालन करने को कह रहे हैं।

  • कौस्तुभ शंकर मिश्रा