Home Featured पृथ्वी का श्रंगार है ‘वट वृक्ष’ और मानव की संजीवनी जड़ी बूटी है ‘वृक्ष’

पृथ्वी का श्रंगार है ‘वट वृक्ष’ और मानव की संजीवनी जड़ी बूटी है ‘वृक्ष’

by vaibhav
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गाजियाबाद :  प्राइवेट चिकित्सक वेलफेयर एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष बी के शर्मा हनुमान ने बताया कि जहां आज पूरा देश वैश्विक कोरोना जैसी महामारी की चपेट में है ऐसी स्थिति में वृक्ष और वनस्पतियां जीवनदायिनी सिद्ध हो सकती हैं यह वसुंधरा हमारी माता है और वृक्ष वनस्पतियां नदी ताल तलैया सब उसके वस्त्र आभूषण है मनुष्य जब वनस्पति और वृक्षों को काटकर उसे पूरी तरह से लज्जा हीन वस्त्रहीन व श्रीहीन बना देने पर उतारू हो जाता है तो वह मानव का संपूर्ण विनाश महामारी के रूप में कर डालने के बाद अपनी रक्षा स्वयं करने का बीड़ा उठाती है इससे बचने के लिए हमें अध्यात्मिक और पौराणिक वृक्षों की सदैव रक्षा करनी चाहिए आज  वटवृक्ष की पूजा सनातन धर्म के अनुसार धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है जिसकी छाया सीधे मन पर असर डालती है और मन को शांत बनाए रखती है इसकी छाल और पत्तों से  औषधियां भी बनाई जाती हैं वटवृक्ष सावित्री व्रत सौभाग्य देने वाला माना गया है वट सावित्री व्रत से वट सावित्री दोनों का विशिष्ट महत्व माना गया है ऋषि मुनियों के अनुसार वट मूले तोपवासा  कहा गया है माना जाता है कि इसके नीचे बैठकर पूजन व्रत कथा  से मनोकामना पूर्ण होती है।

बी के शर्मा हनुमान

आज के दिन सौभाग्यशाली स्त्रियां वट वृक्ष की परिक्रमा  कर मंगलसूत्र वट वृक्ष को समर्पित कर  अपने अपने  पतिदेव की रक्षा की कामना करती हैं और  दीर्घायु व अमर तत्वों के प्रतीक के नाते भी स्वीकार किया जाता है सावित्री वट की पूजा  करके ही पति सत्यवान को मृत्यु के द्वार से लौटा लाने में सफल रही थी मान्यता है कि इसके पूजन और इसकी जड़ में जल देने से पुण्य की प्राप्ति होती है पुराणों में स्पष्ट कहा गया है कि यह वृक्ष त्रिमूर्ति का प्रतीक है इसकी छाल से विष्णु जड़ से ब्रह्मा और शाखाओं  मैं शिव का वास माना जाता है इसको अक्षयवट भी कहा जाता है बरगद नीम और वृक्ष व तुलसी के पौधे के बारे में कहा जाता है कि 1 दिन में 20 घंटे से ज्यादा समय तक ऑक्सीजन देने का काम करते हैं बीके शर्मा हनुमान ने कहा कि हर पेड़ पौधे वृक्ष एक जड़ी बूटी का कार्य करने में सक्षम है हमें सदैव सभी पौधों की रक्षा करनी चाहिए यह पृथ्वी का श्रृंगार है।

  • रिपोर्ट :- बीरेंद्र सिंह सेंगर

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