Home Breaking प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बना बीमारी का घर , स्वास्थ्य केंद्र पर प्राइवेट मेडिकल संचालक ने किया कब्जा

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बना बीमारी का घर , स्वास्थ्य केंद्र पर प्राइवेट मेडिकल संचालक ने किया कब्जा

by vaibhav
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बाबई(जालौन)। जैसा आप सभी को मालूम है, देश के साथ विश्व भर में वैश्विक महामारी क कोरोना वायरस बहुत तेजी से पांव पसार रहा। भारत में 10 लाख से ऊपर तो वहीं विश्व भर में इस भारत से संक्रमित मरीजों की संख्या करोड़ों में जा पहुंची।

इस स्थिति में स्वास्थ्य विभाग हर तरह से सारी सावधानी बरत रहा। ताकि अपने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को इस महामारी से बचा सके और संक्रमित मरीजों का इलाज कर सके वहीं बाबई के स्वास्थ्य विभाग में नियमों को ताक पर रखे केंद्र सरकार की गाइडलाइन को पतीला लगाकर नियमों की धज्जियां उड़ा दी।डॉक्टर स्वास्थ्य कर्मी सभी बिना मार्क्स के मरीजों का इलाज कर रहे हैं और मरीज भी बना मास्क के इलाज करा रहे वहीं स्वच्छता अभियान को पतीला स्वास्थ्य कर्मी और डॉक्टर लगा रहे ऐसे प्रभारी निरीक्षक जहां बैठते हैं, उनके पास की दीवार गुटखे की पीक से रंगी पड़ी हुई है। वहीं सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में बाहर की दवाई नहीं लिखी जानी चाहिए। जब तक स्वास्थ्य केंद्र में दवाई मौजूद है, लेकिन सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में बाहर की दवाई लिखी जाती है। और वही मेडिकल भी स्वास्थ्य केंद्र के अंदर या कहे तो ठीक पीछे बना हुआ है। सरकारी पर्चे पर मरीज स्वास्थ्य केंद्र के अंदर से दवाई ना लेकर प्राइवेट मेडिकल स्टोर पर दवाई लेने के लिए लाइन लगाते हैं । फिर किस बात का सरकारी स्वास्थ्य केंद्र जब उसमें सरकारी दवा भी नहीं मिल रही। वहीं सूत्र कहते हैं कि डॉक्टर प्राइवेट मेडिकल की दवाई लिख कर मोटी कमाई कर रहे हैं। सवाल अब यह उठता है कि आखिर सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की दीवार किसने तोड़ी और दीवार वहीं तोड़ी गई जहां पर मेडिकल स्टोर बना है, डॉक्टरों और मेडिकल संचालक की मिलीभगत से यह दीवार तोड़ी गई ताकि उस मेडिकल कॉलेज से दवाई सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में मोटे दामों पर आ सके। डॉक्टरों और सरकारी मेडिकल कॉलेज की मिलीभगत से मरीज हद से ज्यादा परेशान हो चुके। वहीं कहा जाए तो मेडिकल स्टोर वाले ने सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर कब्जा कर रखा है।

  • रिपोर्ट :- नसीम सिद्दीकी

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