बंजर भूमि पर पंचायत भवन की आड़ से सरकारी जमीन पर हो रहा कब्जा

by News Desk
21 views

कौशाम्बी :- चायल तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा घुरी गांव में पंचायत भवन बनाने के लिए ग्राम प्रधान के अंडर में आया है पंचायत भवन निर्माण को जहा पर लेखपाल ने नाप किया है वहां पर नही बना रहे हैं जो दूसरे जगह निर्माण किया जा रहा है।

इस तरह से बंजर भूमि पर लेखपाल व बीडीओ ने जहाँ पर नाप किये हैं वहां क्यो नही बनाया जा रहा है क्यो दूसरी जगह निर्माण किया जा रहा है क्या ग्राम प्रधान ने पंचायत भवन के आड़ से उस जमीन पर कब्जा कर रहा है आला अफसरों को गुमराह करने में ग्राम प्रधान बहुत आगे निकल चुका है।



सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लेखपाल व बीडीओ ग्राम प्रधान की मौजूदगी में पंचायत भवन की जमीन को निश्चित किया गया है लेकिन वहां पर निर्माण नही किया जा रहा है और दूसरे जगह पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है इस तरह में यह लगता हैं।

कि ग्राम प्रधान की नियत खराब हो चुकी है और उस जमीन पर पंचायत भवन के नाम पर बनवा रहा है जहाँ पर कुल गांव मिला कर जानवरो की पूजा करते हैं और उस जमीन पर क्यो बनवाया जा रहा है जहाँ पर लेखपाल ने नाप किया है।

वह क्यो नही बनवाया जा रहा है गांव वालों का कहना है कि ग्राम प्रधान व लेखपाल की मिली भगत से उस जमीन को ग्राम प्रधान हड़पना चहता हैं और कोई अधिकारी ध्यान नही दे रहे हैं।



क्या एक बार उपजिलाधिकारी व जिलाधिकारी की नजर घुरी गांव की ओर पड़ेगी या फिर ग्राम प्रधान उस जमीन पर अपना घर बना लेगा यह एक जांच का विषय है और पंचायत भवन की निर्माण क्यो वहां नही किया जा रहा है।

दूसरी जगह पर क्यो निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है किसके आदेश पर और किस अधिकारी ने दूसरे जगह पर आदेश दिया है कि जहाँ पर कुल गांव मिलकर पूजा अर्चना करते हैं वहां पर क्यो निर्माण कर रहे हैं।



लोगो का कहना है कि ग्राम प्रधान ने इसी तरह से तालाब में घर भी बना लिया है और इसके ऊपर क्या कोई अधिकारी ध्यान नही देगे और लेखपाल व अधिकारी कहा चले गए हैं जो कि कुछ महीने पहले घुरी गांव में गरीबों के घर गिरा कर अपना नाम कमाया था और गरीब परिवार वेघर हो चुके हैं।

लेकिन क्या ग्राम प्रधान ने तालाब में घर बनाये हुए हैं और तालाब में बने घर की ओर कोई अधिकारी का ध्यान आकर्षित नही हो रहा है इस लिए कि ग्राम प्रधान के ऊपर किसी अधिकारी का हाथ हैं कि चाहे जो ग्राम प्रधान करे उसके सारे गुनाह माफ हैं।



रिपोर्ट श्रीकान्त यादव

Related Posts