गोण्डा। अपनी बुलेट की आवाज बढ़ाकर बाजारों में फर्राटा भरने वाले साहबजादों पर नकेल कसने की तैयारी है। इतना ही नही उन कार्यशालाओं पर भी विभाग सख्त कार्रवाई के मूड में है जहां मोटरसाइकिलों के साइलेंसरों को मोडिफाई किया जाता है। परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने सभी आरटीओ और एआरटीओ को ध्वनि प्रदूषण फैला रहे इन वाहनों के विरुद्ध सख्ती के निर्देश भेजे हैं।

ऐसे बुलेट चलाने पर निरस्त होगा पंजीयन

एआरटीओ बबिता वर्मा ने बताया कि बुलेट मोटरसाइकिलों के साइलेंसर जैसे कंपनी से लगाए जाते हैं वैसे ही होने चाहिए। लेकिन कुछ शौकीन इसकी फट फट की आवाज को बढ़ाने के लिए स्थानीय मि्त्रिरयों से इसमे छेड़छाड कराते हैं। इससे भीषण ध्वनि प्रदूषण फैलता है। ताजा निर्देशों के क्रम में अब ऐसे बुलेट चालकों को 15 हजार का आर्थिक दंड झेलना होगा। इतना ही नही उनके पंजियन को भी निरस्त करने के निर्देश शासन ने दिए हैं। उन कार्यशालाओं पर भी सख्ती से कार्रवाई के निर्देश मिले हैं। इसे लेकर जल्द अभियान चलाया जाएगा।

26 वाहन चालकों पर कार्रवाई

– बुधवार को शहर के एलबीएस डिग्री कालेज चौराहे पर एआरटीओ बबिता वर्मा और उनकी टीम ने सीट बेल्ट न लगाने वाले, हेलमेट न पहनने वाले, बिना बीमा वाहन चालकों और बढ़ी आवाज वाले बुलेट चालकों के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई की। बताया कि कुल 26 वाहनों का चालान किया गया है। जिनमे छह चार पहिया वाहन हैं जिसके चालक सीट बेल्ट नही लगाए थे। 16 दुपहिया चालकों के विरुद्ध चालान किया गया जिसमें कई ऐसे गए जिन्होंने हेलमेट नहीं पहनी थी। चार बुलेट चालकों के विरुद्ध 15 -15 हजार का चालान किया गया जिनके साइलेंसरों में छेड़छाड़ कराई गई थी।

रिपोर्ट राहुल तिवारी