बड़े बिजली चोरों पर कार्रवाई नहीं कर रहा विद्युत विभाग

by News Desk
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कौशाम्बी :- जनपद में बिजली चोरी रोकने के लिए बिभागीय अधिकारियों के साथ फिलहाल विजिलेंस की टीम भी काम कर रही हैं। लेकिन आंकड़ें बता रहे हैं कि विजिलेंस टीम के हाथ सिर्फ गरीबों तक ही सीमित है।मृतक के नाम चल रहे बिधुत कनेक्शन में बीस साल से हो रही बिधुत चोरी पर बिभाग ने चुप्पी साध रक्खी है।



बिजली चोरी रोकने के लिए ऊर्जा निगम के अधिकारियों की कार्रवाई केवल आम लोगों पर ही हो पाती है, जबकि बड़ी मात्रा में बिजली चोरी करने वालों की ओर विभागीय अधिकारियों का ध्यान नहीं जाता है। या फिर बिधुत चोरी के मामलों में बिभागीय संलिप्तता है यह जांच का विषय है यही कारण है बड़ी चोरी करने वाले बिधुत चोर मौज लेते रहते हैं।



ऊंची पहुंच और अधिकारियों की आवभगत के कारण इन पर कार्रवाई नहीं होती है।कुछ मामलों में बिभागीय लोग बिजली चोर से जेब की वसूली कर गुनाह माफ् कर देते है।



इसी तरह का एक मामला देवनारायण पुत्र बेनी प्रसाद निवासी बारातफारिक तहसील सिराथू का है। इनके नाम 10 एचपी का एक नलकूप कनेक्शन बारातफारिक गांव में चल रहा है। यह नलकूप का कनेक्शन 4 अक्टूबर 1991 को हुआ है।

जिसका कनेक्शन नंबर 4053 / 007118 है। इसका बिल संख्या 3062 547 और अकाउंट नंबर 75 17 24 7473 81 है। कनेक्शन स्वीकृत के कुछ वर्ष बाद कनेक्सन धारक की मौत हो चुकी है। लेकिन कनेक्शन नही बन्द हुआ।



इस 10 हॉर्स पावर के कनेक्शन को लेकर इस व्यक्ति के बेटों ने नलकूप में 15 हॉर्स पावर की मोटर डाल दिया है। कई बार शिकायत के बाद कार्यवाही नहीं हुई है। बीते 15 वर्षों से कनेक्शन धारक के बेटे बेखौफ होकर विद्युत चोरी कर रहे है। और बिभागीय अधिकारी मौन है।



कनेक्शन धारक देवनारायण की मौत 20 वर्षो पूर्व हो चुकी है। मौत के बाद भी यह कनेक्शन मृतक के नाम चल रहा है। और उसका लड़का शिव भवन देवनारायण बनकर नलकूप चला रहा है। जबकि देवनारायण की मौत हो चुकी है।

यदि किसी कारणवश विद्युत हादसा हुआ तो क्या मुकदमा मृतक देवनारायण के नाम प्रशासन दर्ज कराएगा तो फिर गिरफ्तारी और जुर्माना वसूलने की कार्यवाही मृतक से यमलोक में होगी यह बिधुत व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।



रिपोर्ट श्रीकान्त यादव

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