भारत-नेपाल के नागरिक सीमा खुलने की तिथि बढ़ाए जाने से हुए मायूस

by News Desk
82 views

लखीमपुर-खीरी :- संपूर्णानगर इंडो नेपाल बॉर्डर पर बसे ग्रामीण व व्यापारी नेपाल से आवागमन शुरू ना होने से निराश है ।क्योंकि नेपाली मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार नेपाल सरकार ने भारत के साथ आवागमन चालू करने की तिथि बढ़ाकर 17 अक्टूबर कर दी है। 17 सितंबर से बॉर्डर चालू होने की खबर थी।



आपको अवगत करा दें कि मित्र राष्ट्रों भारत- नेपाल के मध्य आवागमन की तिथि नेपाली अखबार में छपी खबर के अनुसार बढ़ा दी गई है तिथि बढ़ाए जाने से इंडो नेपाल बॉर्डर पर बसे ग्रामीणों व व्यापारियों को निराशा हाथ लगी है।

क्योंकि नेपाल सरकार ने बीते महीने संसद में घोषणा की थी कि 17 सितंबर से भारत-नेपाल के बीच आवागमन पुनः शुरू कर दिया जाएगा परंतु नेपाली अखबार में छपी खबर के अनुसार दोनों देशों के मध्य आवागमन की तिथि को बढ़ाकर 17 अक्टूबर कर दिया गया है तिथि बढ़ाए जाने से बॉर्डर के ग्रामीण व व्यापारी निराश हुए हैं।


आपको यह बता दें भारत-नेपाल मित्र राष्ट्र हैं एक दूसरे के देश में आने-जाने वैवाहिक संबंधों को बनाने की खुली छूट है। दोनों देशों के मध्य रोटी -बेटी का संबंध है ,अनेकों भारतीयों की शादी नेपाल में हुई है ।वहीं अनेकों नेपालियों की शादी भारत में हुई है।

लगभग 6 माह का समय बीतने जा रहा है , दोनों देशों के मध्य आवागमन बंद होने से एक दूसरे के देश में बैठे अपने रिश्तेदारों से नहीं मिल पा रहे हैं ।वहीं सीमा खुली होने से खाद्य पदार्थों का अंतर्राष्ट्रीय नाकों को छोड़ अन्य रास्तों से भी एक दूसरे के यहां पहुंचाया जाता है।

आवागमन की तिथि बढ़ाए जाने से बॉर्डर पर बसे वे ग्रामीण जिनकी नेपाल में रिश्तेदारी है या खेती- बारी मजदूरी आदि करते रहे हैं तथा मिलन बाजार ,बसही ,खजुरिया,सुमेरनर के व्यापारी जिनका व्यापार काफी हद तक नेपाली नागरिकों पर निर्भर है।

वे दोनों देशों के मध्य 17 सितंबर से आवागमन की उम्मीद लगाए बैठे थे।परन्तु वे तिथि को एक माह बढ़ाकर 17 अक्टूबर किए जाने से निराश हैं। सीमा के बिल्कुल नजदीक खेती बारी का कार्य कर रहे।

चुनिंदा नेपालियों व भारतीयों की माने तो जो स्थिति बॉर्डर पर बसे भारतीय ग्रामीणों व व्यापारियों की है ।वही स्थिति नेपाली ग्रामीणों व टाउन, आई बी आई डी जैसे बाजारों के व्यापारियों की भी है ।

उड़ती हुई खबरों की माने तो इन दिनों नेपाल के बॉर्डर क्षेत्र में खाद्य पदार्थ पहले के मुकाबले दुगनी तीगुनी कीमत पर मिल रहे हैं जिससे उन्हें जीवन यापन में इन दिनों अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।



रिपोर्ट गोविंद कुमार

Related Posts