Home StateRajsthanBharatpur मानव जीवन को खतरे में डालने का मामला दर्ज, ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट की काट दी नस

मानव जीवन को खतरे में डालने का मामला दर्ज, ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट की काट दी नस

by Yogi
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भरतपुर।। कामां चिकित्सक को धरती का भगवान कहा जाता है जो मानव जीवन को बचाने के लिए जी जान लगा देते हैं लेकिन कुछ लोग धरती के भगवान कहे जाने वाले चिकित्सकों के नाम को ही बदनाम करने पर उतारू हो रहे हैं और वह इलाज करने के नाम पर ही अपना व्यवसाय चलाएं और पैसा कमाने के लिए मानव जीवन को खतरे में डाल रहे हैं ऐसा ही मामला कामां कस्बा के एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों के विरुद्ध एक महिला के जीवन को खतरे में डालने का कामां थाना पर मामला दर्ज किया गया है पुलिस मामला दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई।

कामां थानाधिकारी धर्मेश दायमा ने बताया कि फज्जर पुत्र चावसिंह जाति मेव निवासी ग्राम नापापाड़ा तहसील लक्ष्मणगढ़ जिला अलवर ने कामां थाने पर उपस्थित होकर लिखित तहरीर दी जिसमें उसने अवगत कराया कि उसकी पत्नी रिहना की तबीयत कई दिनों से खराब थी जिस पर उसने अपने रिश्तेदार निवासी राधानगरी को पत्नी की तबीयत खराब होने के बारे में बताया जिसके बाद ईसरी ने कामां कस्बा की सेफ अस्पताल में इलाज कराने के लिए कहा था जिस पर 22 अप्रैल को सुबह रिहाना को भर्ती करा दिया गया। अस्पताल में डॉ श्यामसुंदर डॉ धर्मेंद्र कुमारी चौधरी मिले तथा स्वयं को फिजिशियन व सर्जन तथा डिग्री धारी डॉक्टर बताया अस्पताल को प्रसिद्ध डॉक्टर एस के जैन के नेतृत्व में संचालित होना बताया गया। डॉक्टर की बातों में विश्वास कर लिया उसी समय जांच के नाम पर अस्पताल संचालक ने दो हजार रुपए जमा करा लिए जांच के बाद पित्त की थैली में पथरी होने के कारण तुरंत डॉक्टर एस के जैन से ऑपरेशन कराने बाबत बताया गया। जिसके बाद पीड़ित ने अपनी पत्नी के जीवन रक्षा हेतु ऑपरेशन के लिए सहमति दे दी और15 हजार500 रुपए जमा करा दिए गए। जिसके बाद 23 अप्रैल को प्रसिद्ध डॉक्टर एस के जैन से ऑपरेशन कराने की बात कही और कुछ समय बाद छुट्टी दे दी छुट्टी मिलने के बाद पीड़ित अपनी पत्नी को लेकर राधानगरी गांव ले गया लेकिन रात्रि को ही तबीयत खराब होने पर पुनः अस्पताल लाया जहां पीलिया के इलाज के नाम पर 35 हजार रुपए जमा कराए। लेकिन तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ जिसके बाद पीड़ित अपनी पत्नी को 10 मई को डॉ दयाराम पटेल के पास लेकर गया जहां जांच के बाद बताया गया कि रिहाना का गलत ऑपरेशन करने व ऑपरेशन में लापरवाही के कारण पित्त की थैली की नस काट दी गई है। जिसके बाद पूरे मामले से सैफ अस्पताल के डॉ श्याम सुंदर व डॉ धर्मेंद्र कुमारी चौधरी को बताया गया तो उन्होंने कहा कि जेके हिंदू अस्पताल सोनीपत ले जाओ वहां समस्त इलाज का खर्चा सेफ अस्पताल कामां द्वारा उठाया जाने का आश्वासन दिया। लेकिन सोनीपत अस्पताल में एक लाख रुपए जमा करा दिए। जिसके बाद पीड़ित व्यक्ति द्वारा जानकारी की गई तो पता चला कि सैफ अस्पताल के डॉ श्याम सुंदर व डॉ धर्मेंद्र कुमार चौधरी ने षड्यंत्र करके स्वयं डॉक्टर एस के जैन बनकर पीड़ित की पत्नी रेहाना का गलत ऑपरेशन किया ना डॉक्टर एस के जैन के नाम पर राशि हड़प ली जबकि सेफ अस्पताल के दोनों डॉक्टरों के पास फिजीशियन व सर्जन की डिग्री नहीं है तथा हमारे साथ धोखाधड़ी कर सोनीपत भेजें कर एक लाख रुपए भी षड्यंत्र करके हड़प लिए है। जिसका मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। इस संदर्भ में अस्पताल संचालक से बात करने का प्रयास किया गया तो अस्पताल के पवन नामक व्यक्ति ने फोन उठाया और कहा कि डां साहब अभी लंच पर हैं उनसे बात नहीं हो सकती उनका पर्सनल नंबर मांगा गया तो नंबर देने से भी मना कर दिया गया।

नाम किसी का संचालन करता कोई..
कामां कस्बा में संचालित सेफ अस्पताल जिस चिकित्सक के नाम से संचालित किया जा रहा है शायद ही वह चिकित्सक कभी अस्पताल में आते होंगे शिकायतकर्ता लोगों ने बताया कि चिकित्सक डॉक्टर एस के जैन के नाम से अस्पताल चलाया जाता है जबकि वह अस्पताल में आते ही नहीं उनके नाम से ही अन्य लोग अस्पताल चलाते हैं जब अस्पताल की कोई शिकायत शिकवा की जाती है और जांच आती है तो चिकित्सक को मौके पर बुलाया जाता है जबकि संचालन अन्य लोग ही कर रहे हैं।

हरिओम मीणा

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