गोण्डा:- जिले के तरबगंज  विकास खंड में मनरेगा का कार्य जेसीबी मशीन से कराने व उसका साक्ष्य मिटाने के मामले को लेकर चली खबर को संज्ञान में लेते हुये उच्चाधिकारियों के निर्देश पर  खंड विकास अधिकारी द्वारा स्थलीय जांच की गई है।  जिसमें रोजगार सेवक, ग्रामप्रधान व सचिव सभी बीडीओ के लपेटे में आ गए हैं।बताते चलें कि,बीते दिनों विकासखण्ड अन्तर्गत ग्रामसभा सिंगहाचंदा में सड़क पर मिट्टी पटाई के कार्य मे जेसीबी मशीन का प्रयोग किया गया था।जिसके सम्बन्ध में आरटीआई कार्यकर्ता हंसराज पाण्डेय व ग्रामसभा के कुछ श्रमिको द्वारा जनसुनवाई पर शिकायत दर्ज कराई गयी थी।इस मामले को संज्ञान में लेते हुए बीडीओ ने सचिव को जांच के लिए भेजा था लेकिन जांच रिपोर्ट से असंतुष्ट बीडीओ विवेक प्रिये ने गुरुवार को इस मामले में स्वयं जाकर मौके पर जांच की।इस दौरान सड़क मिट्टी पटाई कार्य मे मशीन प्रयोग के साक्ष्य मिलने व 14 दिन के मस्टररोल पर मात्र 3 दिन मे कार्य समाप्ति करने पर उन्होंने रोजगार सेवक द्वारा कराये गये कार्य को श्रमदान घोषित कर दिया।इसी के साथ रोजगार सेवक ऋषि श्रीवास्तव,ग्रामप्रधान रामधन सोनी व सचिव अभिषेक वर्मा पर बड़ी कार्यवाही तय मानी जा रही है।बख्शे नही जाएंगे लापरवाही करने वाले कर्मी-बीडीओवहीं बीडीओ विवेक प्रिय ने बताया कि कार्य स्थल की जांच उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर की, जिसमें जेसीबी मशीन के प्रयोग के साक्ष्य मिले हैं।उन्होंने बताया कि,कराये गये कार्य को श्रमदान घोषित करा दिया गया है साथ ही संबंधित रोजगार सेवक,सचिव व ग्राम प्रधान पर भी कार्यवाही सुनिश्चित हो गयी है।इसी के साथ उन्होंने कहा कि, विकासखंड अन्तर्गत मनरेगा में मशीनों का प्रयोग या अन्य विकास कार्यों में हीलाहवाली लापरवाही करने वालों को कतई बख्शा नही जायेगा।

रिपोर्ट राहुल तिवारी जिला संवाददाता गोंडा