लखीमपुर-खीरी :- सम्पूर्णा नगर इंडोनेपाल बॉर्डर के सुमेरनगर बॉर्डर पर प्रतिबंध के बावजूद भारत पहुंची नेपाली महिलाओं के प्रवेश पर ग्रामीणों ने किया विरोध।सम्पूर्णानगर थाना क्षेत्र के ग्राम सुमेरनगर में कुछ दिनों से नेपाली महिलाओं ग्रामीणों को बॉर्डर पर लगी एसएसबी फारेस्ट टीम के बावजूद भी भारत आकर खाघ सामग्री सहित सामान ले जा रही थी।

वहीं भारतीय लोगों का नेपाल में कोरोना संक्रमण के बाद से प्रवेश बंद है।जिसको लेकर सुमेरनगर बॉर्डर के ग्रामीणों ने आज नेपाल से लगभग 4 महिलाओं को भारत आकर वापस सामान लेकर जा रही महिलाओं को पकड़कर एसएसबी के सुपुर्द करके नेपालीमहिलाओं को प्रवेश दिए जाने का विरोध किया।


इंडोनेपाल के सम्पूर्णानगर थाना क्षेत्र के सुमेरनगर बॉर्डर से सुमेरनगर गांव में बुधवार को शाम साढ़े पांच बजे लगभग 4 नेपाली महिलाओं द्वारा साइकिल द्वारा प्रवेश कर खाघ सामग्री सहित सामान लेकर भारत से नेपाल जाते समय ग्रामीणों ने सुमेरनगर के बसंती माँ स्थान के पास पकड़कर कर एसएसबी सुमेरनगर के सुपुर्द करके विरोध जताया।

ग्रामीणो ने एसएसबी व दुधवा फारेस्ट कर्मियों पर नाराजगी जताते हुए उनका कहना था कि जब कोरोना संक्रमण के पश्चात से इधर की सीमाएं सील है और इधर की सीमाओं से भारतीय व नेपाली नागरिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध होने के बावजूद इधर कुछ दिनों से नेपाली महिलाएं साइकिल द्वारा नेपाल से भारत आकर खाघ सामग्री आदि सामान ले जा रही थीं।

नेपाल से सुमेरनगर दुधवा जंगल बॉर्डर के रास्ते से भारत के सुमेरनगर गांव पहुंची चार महिलाओं को भारत से सामान लेकर वापस नेपाल लौटते समय ग्रामीणों ने एक महिला को पकड़ लिया अन्य महिलाएं गन्ने के खेत मे छुप गयी।जिन्हें ग्रामीणो ने एएसबी सुमेरनगर के सुपुर्द कर दिया।

एसएसबी अधिकारियों के सम्पर्क करने का प्रयास किया परन्तु बात नही सकी।सम्पूर्णा नगर थाना प्रभारी सुनील सिंह ने बताया की इधर की इंडोनेपाल पूर्ण सीमा पर आवागमन पर प्रतिबंध है और यह मामला मेरी जानकारी में नही अगर नेपाली महिलाओं ने प्रवेश किया है तो गलत है।

बताते चलें घोला,सुमेरनगर ,मिर्चिया,रानीनगर,बसही आदि बॉर्डरों के रास्ते तस्करों द्वारा आम नागरिकों के प्रतिबंध का भरपूर फायदा उठाते हुए तस्करी का कार्य बेखौफ किया जा रहा है।



रिपोर्ट-गोविन्द कुमार