Home StateUttar PradeshKanpur वट वृक्ष की पूजा पर दिखा कोरोना का असर, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ महिलाओं ने की पूजा

वट वृक्ष की पूजा पर दिखा कोरोना का असर, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ महिलाओं ने की पूजा

by saurabh
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कानपुर। हिन्दू परंपरा में स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए तमाम व्रत का पालन करती हैं। वट सावित्री व्रत भी सौभाग्य प्राप्ति के लिए स्त्रियों के लिए एक बड़ा व्रत माना जाता है। यह ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या को मनाया जाता है। इसके साथ सत्यवान – सावित्री की कथा जुड़ी हुई है। जिसमें सावित्री ने अपने संकल्प और श्रद्धा से,यमराज से सत्यवान के प्राण वापस ले लिए थे। महिलाएं भी संकल्प के साथ अपने पति की आयु और प्राण रक्षा के लिए इस दिन व्रत और संकल्प लेती हैं। इस व्रत को करने से सुखद और सम्पन्न दाम्पत्य का वरदान मिलता है।

मान्यता है की वटसावित्री का व्रत सम्पूर्ण परिवार को एक सूत्र में बांधे रखता है। वट वृक्ष (बरगद) एक देव वृक्ष माना जाता है। बताया जाता है कि ब्रह्मा,विष्णु,महेश और सावित्री वट वृक्ष में ही रहते हैं।।
इसी कड़ी में आज सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए महिलाओं ने अपने पति कि लंबी आयु के लिए वट वृक्ष की पूजा की। पूजा के दौरान कोरोना का काफी प्रभाव दिखा। इस बार महिलाएं बाहर कम निकली। घरों पर ही छोटी सी डाल मंगा कर पूजा अर्चना की।

बताते चलें कि मान्यता के अनुसार वट वृक्ष की जड़ों में ब्रह्मा,तने में भगवान विष्णु एवं डालियों में त्रिनेत्रधारी शंकर का निवास होता है एवं इस पेड़ में बहुत सारी शाखाएं नीचे की तरफ लटकी हुई होती हैं, जिन्हें देवी सावित्री का रूप माना जाता है। इसलिए इस वृक्ष की पूजा से सभी मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं।

  • कौस्तुभ शंकर मिश्रा

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