विपक्ष ने कृषि यंत्रों को फूंका तो वही भाजपा ने उन्हें पूजा

by saurabh


उरई जालौन। कृषि विधेयक 2020 को लेकर घमासान अभी तक नहीं थमा है, किसान से लेकर विपक्ष मोर्चा संभालते हुए सड़कों पर उतर कर हंगामा कर रहा है। वहीं पंजाब राजस्थान कई राज्यो में उन्होंने कृषि यंत्रों में आग लगा दी और अपना विरोध जताया कि इस विधेयक को वापस लो यह विधेयक किसान विरोधी है। इस विधेयक को लेकर भारत बंद तक रहा और कई किसान संगठन मंडियों संचालकों ने इस बात का विरोध भी किया कि इस विधेयक को वापस को दोनों सदन में पास करने के बाद भाजपा ने इसे किसान हितेषी विधायक बताया।और कहा कि इस विधेयक के आ जाने के बाद किसान स्वतंत्र है वह कहीं भी अपनी फसल बेच सकता है। विपक्ष ने सिर्फ उन्हें गुमराह किया है। इस विधेयक को पहले विपक्ष को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए। उसके बाद विरोध प्रदर्शन करना था। लेकिन विपक्ष ने सिर्फ किसानों को भड़काने का काम किया। कृषि विधेयक 2020 के समर्थन में भाजपा के वरिष्ठ नेता, मंत्री, सांसद, विधायक सभी लगे हुए हैं।

कुछ दिन पूर्व सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा द्वारा प्रेस वार्ता करते हुए इस विधेयक की खासियत बताई गई थी। वही कल भाजपा के जिला अध्यक्ष और किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष द्वारा कृषि यंत्रों की विधि विधान से पूजा पाठ की गई। और पूजा पाठ करने के बाद भाजपा के नेताओं ने विपक्ष पर तीखी वाणी से हमला किया। जिला अध्यक्ष रामेंद्र सिंह बना जी ने कहा कि आज हमने कृषि यंत्रों की पूजा पाठ विधि विधान से की। वहीं विपक्ष द्वारा इन कृषि यंत्रों को फूंका गया था यही फर्क है हमारी पार्टी और विरोधी पार्टी में विरोधी पार्टी उन कृषि यंत्रों को फूंका रही है। जिनसे किसान खेती करता है, इन यंत्रों को भगवान मानते हैं, यह इन यंत्रों को पूजते हैं। यह विधेयक किसान के हित का विधेयक है। पूजा पाठ के समय भाजपा जिला अध्यक्ष रामेंद्र सिंह सेंगर बना जी, कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्रीय महामंत्री किसान मोर्चा डॉक्टर नवाब सिंह जादौन, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष नरेंद्र द्विवेदी, सर्वेश निरंजन, दिलीप दुबे, विवेक कुशवाहा, शिवनाथ सिंह आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।

रिपोर्ट- नसीम सिद्दीकी

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