श्री शुभ संवत 2070 शक 1942
परमादेश नाम संवत्सर है

पौष माह तिथौ परमा तिथौ तुपरी
में दुतिया है तिथौ 5 बजकर 32 मिनट तक
तिथौ गुरुवार का दिन में और श्रवण नक्षत्र 57 12 यानी रात के 10 बजकर 46 मिनट तक
ब्रज योगे,,40,19 ,, तात्कालिक दिनमान 26,47 सू,उ,6 बजकर 39 मिट तक सु आ,5बजकर 21 मिट 2:37 तक समय से 2:56 पर या नहीं 14 तारीख 1 2021 को दिन में 2:56 पर मकर संक्रांति आई है इसके वृष लग्न समय मकर राशि है इसके अनुसार देवा नाम

शुक्ल पक्ष में ,,मकर संक्रांति हो रही है और यह मकर संक्रांति शुक्ल पक्ष में कैसा फल देती है शुक्ल पक्ष में मकर संक्रांति अपने मारी घट नस यदि पर होती है तथा इसका उपयोग शुक्ल पक्ष में धातु का प्रेस चल रहा है जिस प्रकार सफेद धातु और सफेद वस्त्र का भाव तेजा हो तेज हो सकता है और भद्र तिथि में फल कैसा होगा इसलिए लिए संसार में युक्त समय छोटे महाराष्ट्र सबको बड़े राष्ट्र को शासन जीतने का इच्छा करेगा

गुरुवार का फल,, गुरुवार को मकर संक्रांति है तो गुरु का फल कैसा होगा गुरुवार के दिन गुरुवार के दिन यह फल होगा गुरु को लगे भूमि गुरु ब्राह्मण कहलाते हैं अतिथि आदि पूजनीय लोगों का सम्मान और अग्निहोत्री जग्गू की वृद्धि मनुष्य को आनंद उत्सव तथा गाय के दूध धन-धन उत्पत्ति बढ़ाएगा ,,

मकर संक्रांति का वाहन ,,शेर है तथा उप वाहन घोड़ा है पीत वस्त्र है यानी पीला वस्त्र को धारण किए हुए गुलाबी चुन्नी उड़े हुए हैं कुमकुम का लेपन किए हुए हैं कमल पुष्प धारण किए हुए हैं तथा मुक्त फलम,, भूषणम् मुक्त,, मुंडो की फलम पर भूषण कर रही है तथा गधा युक्त सर्वजीत गधा को लिए हुए हैं और ,,

व्याघ्र वाहन ,,संक्रांति के पावन यदि शेर हो तो शासकों पर परस्पर दुश्मनी किसानों को पीड़ा चौपाई पशुओं का नाश और प्राणियों को हिंसा करने वालों के वृद्धि होती है जैसे मकर संक्रांति का उप वाहन घोड़ा है तो क्षेत्र में दारुण मतलब धरना नासु लोगों को व्यापार में कष्ट होगा क्षत्रियों को कष्ट होगा घोड़े के हानि और व्यापार में वृद्धि होती है,

पीत वस्त्र ,,पीले वस्त्र को धारण किए हैं यानी मकर संक्रांति तो नारी को पीड़ा होगी छोटे बालक को संक्रांति में वस्त्र पीले हो तो परसों तक होगा स्त्रियों को बीमारी से पीड़ा होगी छोटे बालों को तथा उनकी माताओं को कष्ट होगा केसर हल्दी आदि पीली वस्तुओं का भाव तेज होगा और व्यापारी को दुख होगा,,

चलिए राशि का फल किस राशि वालों को मकर संक्रांति पर क्या लाभ हानि हो सकती है और किस राशि वालों के लिए मकर संक्रांति क्या लेकर अच्छा आइए चलते हैं सबसे पहले

मकर राशि वालों के लिए,, मकर राशि वालों के लिए धन का लाभ होगा

कुंभ राशि,, कुंभ राशि वालों के लिए हानि होगी

मीन राशि वालों को,,धन का लाभ होगा तथा व्यापार में भी लाभ होगा आप की प्रशंसा बढ़ेगी

मेष राशि ,,आपके परिवार में किसी स्थिति होगी या आपके परिवार में कोई कठिनाइयां प्राप्ति होगी

वृष राशि,,आपके परिवार में धन का लाभ होगा वृष राशि वालों के लिए धन का लाभ होगा तब लेकिन थोड़ी घबराए हो सकते हैं

मिथुन राशि,,मिथुन राशि वालों के लिए कष्ट होगा जोड़ों में दर्द की रोक की संभावना हो सकती है व्यापार में रुकावट आ सकती है और मिथुन राशि वालों के लिए कुछ बीमारियों का उत्पल आ सकता है

कर्क राशि,, कर्क राशि वालों के लिए सम्मान मिलेगा तथा इनके व्यापार में भी अच्छा मुनाफा होगा और राजनीतिक द्वारा इनको सम्मानित किया जाएगा

सिंह राशि,, सिंह राशि वालों के लिए भय होगा तथा आर्थिक तंगी मजबूत होगी पर उतना व्यापार में सम्मान नहीं मिल पा रहा होगा ग्वाल वालों से परेशान होंगे तथा परिवारिक में चल रही समस्याओं को उत्पाद भी हो सकता है

कन्या राशि,,कन्या राशि वालों के लिए ज्ञान की वृद्धि होगी तथा छात्र-छात्राओं द्वारा की गई अच्छा राजनीतिक में सम्मान मिलेगा तथा ज्ञान की वृद्धि होगी परिवारिक में अच्छा पालन पोषण होगा

तुला राशि,, तुला राशि वालों के लिए घर में कलह की संभावना होगी घर में मनमुटाव हो सकता है और परिवारिक में कई तरह की घटनाएं प्राप्त होगी आर्थिक तंगी मानसिकता तनाव भी बढ़ सकता है पेट दर्द होने की संभावना भी हो सकती है

वृश्चिक राशि,,वृश्चिक राशि वालों के लिए वृश्चिक राशि वालों के लिए बहुत अच्छा ही लाभ होगा व्यापार में प्रॉपर्टी का काम कर रहे हैं तो अच्छा मुनाफा पर पट्टी में हो सकता है यह अपने वस्त्र का आप कारोबार कर रहे होगा तो उसमें भी अच्छा मुनाफा होगा

धनु राशि वालों ,, धनु राशि वालों के लिए संतोषजनक होगा अगर आप किसी चीज का मन में लिए हुए हैं तो उसका आप किसी से बात अगर ना करें आपका काम आवश्यक यह फरवरी के महीने तक अवश्य काम हो जाएगा आप बहुत बड़े अच्छे संतोषजनक हो सकते हैं किसी के बाद में ना आए या आप किसी के बाद में आएंगे तो आपको ही नुस्कान हो सकेगा

साल बाद इस मकर संक्रांति पर बन रहा ये विशेष

: पौष शुक्ल प्रतिपदा गुरुवार को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा।: पौष शुक्ल प्रतिपदा गुरुवार को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिषविदों के मुताबिक सुबह 8.15 बजे सूर्यमकर राशि में प्रवेश करेंगे। मकर संक्रांति का पुण्यकाल सुबह 10 बजकर 56 रात्रि शाम 5.50 बजे तक रहेगा। मकर संक्रांति से मलमास की समाप्ति होगी, लेकिन दो दिन बाद ही गुरु का वृद्धत्व दोष तथा पांच दिन बाद गुरु का तारा अस्त होने से शुभ कार्यों पर पुन:विराम लग जाएगा।,,

बनेगा पंचग्रही योग

बताया कि मकर संक्रांति के दिन पंचग्रही योग रहेगा। 13 जनवरी को मकर राशि में चंद्रमा का प्रवेश, तथा सूर्य का 14 जनवरी को 8.15 बजे मकर राशि में प्रवेश होने के साथ मकर राशि में पहले से चल रहे बुध, गुरु और शनि के होने से पंचग्रही योग का निर्माण होगा। ने बताया कि ऋतु परिवर्तन के साथ ही सर्दी मकर संक्रांति कम होने लगती है, लेकिन इस बार योग के कारण शीतलहर का असर देखने को मिलेगा।के मुताबिक 59 साल पहले सन 1962 में सक्रांति पर पंचग्रही योग बना था।

गृहप्रवेश आदि हो सकेंगे

ने बताया कि सूर्यदेव मकर राशि में प्रवेश के साथ खरमास की समाप्ति होगी। धनुमास की समाप्ति के पांच दिन बाद गुरुअस्त होंगे, किंतु उसके पूर्व के तीन दिन वृद्धत्व दोष होने के

कारण 16 जनवरी शनिवार से ही मांगलिक कार्य हो सकेंगे, लेकिन गृहप्रवेश, नामकरण आदि के शुभ कार्य 15 जनवरी को ही संपन्न हो सकेंगे। 19 जनवरी को सुबह 11.30 बजे गुरु अस्त होंगे।

संक्रांति की कथा: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि महाराज के पास गए। उस वक्त शनि देव मकर राशि का स्वामित्व कर रहे थे। बता दें कि भगवान शनि को मकर राशि के देवता माना जाता है। तब से ही इस दिन को मकर संक्रात के रूप में मनाया जाने लगा। माना जाता है कि इस खास दिन पर अगर एक पिता अपने बेटे से मिलने जाता है तो उनके यहां की सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं।,,

मकर संक्रांति पर क्या करें

मकर संक्रांति पर सूर्योदय से पूर्व पवित्र नदी में स्नान करें. यदि पवित्र नदी में स्नान संभव न हो तो जल में गंगाजल की कुछ बूंदे मिलाकर स्नान करें. इसके बाद पूजा करें और उगते हुए सूर्य को तीन बार जल अर्पित करें. मकर संक्रांति पर दान का भी विशेष महत्व है. इस दान जरूरतमंदों को दान करें.,

गुड़ का दान : ज्‍योतिष में गुड़ को गुरु की प्रिय वस्‍तु माना गया है। इस साल मकर संक्रांति गुरुवार के दिन पड़ रही है, तो इस वजह से गुड़ का दान करने का महत्‍व और भी बढ़ जाता है। गुड़ का दान करने के साथ ही इस दिन कुछ मात्रा में गुड़ हम सभी को खाना भी चाहिए। ऐसा करने से शनि, गुरु और सूर्य तीनों के दोष दूर होते हैं। मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ के लड्डू या फिर गुड़ और मुरमुरे के लड्डू दान कर सकते हैं।,

खिचड़ी का दान : मकर संक्रांति को प्रमुख तौर पर खिचड़ी का पर्व माना जाता है और इस दिन खिचड़ी का दान करने का विशेष महत्‍व भी माना गया है। इस दिन चावल और उड़द की काली दाल का दान खिचड़ी के रूप में किया जाता है। उड़द का संबंध शनि देव से माना जाता है और इसका दान करने से शनि दोष दूर होते हैं। वहीं चावल को अक्षय अनाज माना जाता है। चावल को दान करने से आपको अक्षय फल की प्राप्ति होती है।

वस्‍त्र दान : मकर संक्रांति पर वस्‍त्रों का दान भी महादान माना गया है। इस दिन किसी गरीब और जरूरतमंद के एक जोड़ी वस्‍त्र का दान अवश्‍य करें। एक बात का ध्‍यान रखें कि ये वस्‍त्र पुराने या फिर इस्‍तेमाल किए हुए और फटे हुए नहीं होने चाहिए। सदैव नए वस्‍त्रों का दान करना ही शास्‍त्रों में उचित माना गया है।

देसी घी का दान : ज्‍योतिष में घी को भी सूर्य और गुरु से जोड़कर देखा जाता है। इस बार मकर संक्रांति भी गुरुवार को होने से घी के दान का महत्‍व और भी बढ़ जाता है। मकर संक्रांति पर शुद्ध घी का दान करने से आपको करियर में लाभ के साथ सभी प्रकार की भौतिक सुविधाएं प्राप्‍त होती हैं और साथ मोक्ष प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्‍त होता है।

पंडित प्रकाश तिवारी शास्त्री