दस्तक अभियान आगामी 10 मार्च से 24 मार्च तक

गोंडा:- जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने माह मार्च 2021 में प्रस्तावित विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा संचारी रोगों एवं दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण व कार्रवाई हेतु विभिन्न विभागों का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे प्राप्त दिशा निर्देशों के क्रम में अपने विभाग से संबंधित प्रत्येक बिंदुओं पर अपेक्षित कार्रवाई कराना सुनिश्चित करें ताकि जनपद में संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान अपने अभीष्ट लक्ष्य को प्राप्त कर सके।
जिलाधिकारी ने बताया कि विगत 3 वर्षों की भांति वर्ष 2021 में भी संचारी रोगों की रोकथाम हेतु प्रभावी उपाय अपनाते हुए व्यापक अभियान संचालित किया जाना है। इस क्रम में 2021 में संचारी रोग नियंत्रण अभियान 01 मार्च से 31 मार्च 2021 तक एवं दस्तक अभियान 10 मार्च से 24 मार्च 2021 का प्रथम चरण जनपद में चलाते हुए वर्ष 2020 में संचालित की गई सभी गतिविधियां पुनः विस्तृत कार्य योजना बनाकर संचालित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष से दस्तक अभियान में फ्रंटलाइन वर्कर्स यथा – आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री के द्वारा घर-घर जाकर किए जाने वाले संवेदीकरण तथा सर्वेक्षण में कुछ नये अवयव सम्मिलित किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से समय सारणी के अनुसार अपने- अपने से संबंधित कार्यवाही समय से किए जाने के निर्देश दिए हैं।
आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री प्रत्येक मकान पर क्षय रोग के संभावित रोगियों के विषय में भी जानकारी प्राप्त करेंगी तथा क्षय रोग के लक्षणों वाले किसी व्यक्ति की सूचना प्राप्त होने पर इस व्यक्ति का नाम, पता एवं मोबाइल नंबर सहित संपूर्ण विवरण एक लाइन लिस्टिंग फॉर्मेट में अंकित कर क्षेत्रीय ए एन एम के माध्यम से ब्लॉक मुख्यालय पर उपलब्ध कराएंगी। घर-घर भ्रमण के दौरान आशा कार्यकत्रियों के द्वारा जन्म तथा मृत्यु पंजीकरण से छूट गए शिशुओं / व्यक्तियों का पंजीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी। किसी परिवार में दिमागी बुखार के कारण विकलांग हुए किसी व्यक्ति की सूचना भी फ्रंटलाइन वर्कर्स के द्वारा निर्धारित प्रपत्र पर एकत्र की जाएगी।साफ-सफाई, कचरा निस्तारण, जलभराव रोकने तथा शुद्ध पेयजल उपलब्धता पर विशेष जोर देते हुए सभी विभाग व्यवहार परिवर्तन तथा प्रचार-प्रसार की भी व्यापक योजना बनाएंगे ताकि जन सामान्य तक सभी जानकारियों की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
विभिन्न रोगों की रोकथाम हेतु विभागों के बीच आपसी समन्वय स्थापित करते हुए एक साथ कार्यवाही करना आवश्यक है जिसके लिए पूर्व में जनपद तथा ब्लॉक स्तर पर समन्वय समितियों का गठन कर नियमित अंतराल पर विभिन्न विभागों द्वारा किए गए कार्य निष्पादन तथा जनपद में रोग की स्थिति की समीक्षा हेतु इन समितियों की बैठक भी आयोजित की जानी है ।

रिपोर्ट राहुल तिवारी जिला संवाददाता गोंडा