कौशाम्बी :- कौशाम्बी मंझनपुर मुख्यालय सहित करारी आसढा चायल औधन सेवढ़ा महगांव सिराथू सहजादपुर सहित विभिन्न स्थानों पर सैकड़ो हेक्टेयर शत्रु संपत्ति राजस्व अभिलेखों में दर्ज हैं।



कौशांबी देश आजादी के बाद हिंदुस्तान छोड़कर पाकिस्तान में बसने वाले लोगों की संपत्तियों को भारत सरकार ने शत्रु संपत्ति घोषित करते हुए सरकार के कब्जे में ले लिया था लेकिन तहसील के राजस्व कर्मियों की संलिप्तता लापरवाही के चलते शत्रु संपत्तियों में भारत के शत्रुओं के रिश्तेदारो नातेदारो भूमाफियाओं ने कब्जा कर लिया और देखते-देखते शत्रु संपत्तियों को इन लोगो ने या तो बेच कर धन अर्जित कर लिया।

या फिर इन लोगो ने शत्रु संपत्तियों में खेती कर उसकी फसल बेचकर उन्ही के परिजन मालामाल होते रहे शत्रु संपत्तियों की देखरेख के लिए लगाए गए किसी दबाव के चलते विभागीय अधिकारी लगातार लापरवाह बने रहे जिसका खामियाजा यह रहा कि शत्रु संपत्ति धीरे-धीरे सरकार के कब्जे से खत्म होती गई।


बीते कुछ महीने पहले शत्रु संपत्तियों की सुरक्षा के लिए सरकार ने फिर जिला प्रशासन को निर्देश जारी किया है लेकिन उसके बाद भी शत्रु संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है मंझनपुर तहसील के मंझनपुर मुख्यालय सहित करारी रकस्वारा आसढा चायल तहसील क्षेत्र के औधन सेवढ़ा बड़ा गांव चायल सैय्यद सरावा महगांव सिरियावा सिराथू तहसील क्षेत्र के सहजादपुर कड़ा सिराथू सहित विभिन्न गांव के सैकड़ों लोग आजादी के बाद हिंदुस्तान छोड़कर पाकिस्तान में बस गए थे।

जिनकी संपत्तियों को सरकार ने शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया है और सरकार द्वारा घोषित किए गए शत्रु संपत्ति को राजस्व अभिलेखों में लाल कलम से लिखकर उसे सरकार ने कब्जे में ले लिया और संपत्तियों की देख रेख के लिए एक विभाग का गठन करते हुए राजस्व अधिकारियों को भी संपत्तियों।की देख रेख सुरक्षा की जिम्मेदारी सौप दी।



जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में सैकड़ो हेक्टेयर शत्रु संपत्ति राजस्व अभिलेखों में अभी भी दर्ज हैं जिनकी कीमत सैकड़ों करोड़ है सरकारी नुमाइंदों की लापरवाही और संलिप्तता के चलते तमाम शत्रु संपत्ति पर भूमाफियाओं ने अवैध तरीके से कब्जा कर लिया महगांव की कई एकड़ शत्रु संपत्ति में भू माफियाओं की नजर लग गई और कुछ शत्रु संपत्तियों को प्लाटिंग कर इलाहाबाद के भू माफिया बेच रहे हैं।

चर्चाओं पर जाए तो भू माफियाओं ने फर्जी तरीके से शत्रु संपत्तियों को विक्रय कर दिया है महगाव की शत्रु संपत्तियों को बेचे जाने के मामले में यदि सरकार ने जांच कराई तो भू माफियाओं का जेल जाना तय है इतना ही नही भूमाफियाओं के महगाव की शत्रु संपत्ति के अभिलेखों में हेराफेरी के मामले में सूक्ष्म जांच हुई तो शत्रु संपत्तियों को सुरक्षित रख पाने में प्रशासन की बड़ी नाकामी जरूर उजागर होगी।



रिपोर्ट श्रीकांत यादव