कानपुर। कोरोना वायरस के कारण हृदय की मांसपेशियों में सूजन पैदा कर हृदय को प्रभावित कर सकता है। इस प्रक्रिया से धमनियों में बाधा उत्पन्न होती है, जिससे दिल का दौरा पड़ सकता है। यह जानकारी रीजेंसी हॉस्पिटल के इंटरवेंशनल कार्डियोंलॉजिस्ट डॉ अभिषेक गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया।

उन्होंने बताया कि कुछ अघ्ययनों से पता चला है कि कोरोना संक्रमित रोगियों में मायोकार्डिटिस पाया गया है। इससे मांसपेशियों में सूजन आ जाती है और हृदय असामान्य रूप से कार्य करने लगता है। डॉ अभिषेक ने बताया कि इस बात की संभावना है कि कोरोना संक्रमित मरीज दिल से संबंधित लक्षण जैसे सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द ईसीजी में बदलाव और टॉक्सिन के स्तर में वृद्धि हो सकती है।

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इसके साथ ही उन्होंने जनाकारी देते हुए बताया कि कोरोना काल के दौरान भी हृदय रोग , मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, या मोटापे के शिकार लोगों को अपनी नियमित जांच करवानी चाहिए। डॉ0 अभिषेक ने लोगों से अपील करते हुए क​हा कि दिल की बीमारी के रोकथाम के लिए वैसे ही सर्तकता बरतें जैसे कोरोना काल से पूर्व करते थे।

दिल के रोगियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि प्रतिदिन 45 मिनट व्यायाम जरूर करें, कम से कम 7 घंटे की नींद लें एवं धूम्रपान तथा शराब का प्रयोग न करें। इसके बाद भी अगर किसी को दिल का दौरा पड़ता है तो अस्पताल जाने से डरे नहीं। दौरा पड़ने के अगर पहले 8 घंटों के दौरान सही इलाज मिल जाये तो मरीज की जान बचाई जा सकती है।