सीएमओ कार्यालय का वह गुनहगार कौन किस के खाते में लगातार ट्रांसफर हो रहा है सरकारी धन

by News Desk
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कौशाम्बी :- भ्रष्टाचार के मामले में हमेशा सुर्खियों में रहने वाले मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में इन दिनों भ्रष्टाचार के नए तरीके की चर्चा आम बात हो गई है पड़ोसी जनपद के रहने वाले एक स्वास्थ्य कर्मी के खाते में लगातार सरकारी धन भेज कर जिम्मेदारों द्वारा हिस्सा बटवारा लिया जा रहा है।

जो बड़ा जांच का विषय है स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से कर्मचारियों की आड़ में पल रहे इस गोरखधंधे के मामले कि शासन ने उच्च स्तरीय सूक्ष्म जांच कराई तो कुछ वर्षों में विभाग में करोड़ों कमाने वाले कर्मियों का बेनकाब होना तय है।

गौरतलब है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में तैनात एक कर्मी के सिंडीकेट बैंक खाते में अलग-अलग तारीखों में लगभग 35 लाख रुपए से अधिक की रकम बीते वर्ष में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सरकारी खाते से स्थानांतरित की जा चुकी है। अब सरकारी कर्मचारी के खाते में बार-बार रकम स्थानांतरित किए जाने का क्या मकसद है।

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की माने तो सरकारी कर्मचारी के खाते में फर्जी तरीके से रकम ट्रांसफर कर जिम्मेदार कमीशन वसूल रहे हैं स्वास्थ्य विभाग में तीन ऐसे कर्मचारी हैं जिनके खाते में बीते वर्ष करोड़ों रुपए बजट की सरकारी रकम गलत तरीके से स्थानांतरित किया जा चुका है।

स्वास्थ्य विभाग में अवैध तरीके से सरकारी धन को खर्च दिखाकर सरकारी रकम में कमीशन वसूलने का यह खेल जिले के गठन के बाद ही शुरू हो गया था जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते यह खेल लगातार प्रतिवर्ष बढ़ता जा रहा है फर्जी बिल के सहारे स्वास्थ्य विभाग में सरकारी धन के हड़पने के शुरू हुए।

इस खेल के बाद जहां विभाग के अधिकारियों की तिजोरी और पलंग नोटों से भर गई है वहीं विभागीय कर्मचारी भी मालामाल हुए हैं इतना ही नहीं स्वास्थ्य विभाग में दस पन्द्रह हजार रुपए महीने की संविदा पर नौकरी करने वाले लोग भी देखते-देखते आलीशान बंगला लग्जरी गाड़ी करोड़ों के बैंक बैलेंस के मालिक बन चुके हैं।

स्वास्थ्य विभाग की योजनाएं जमीनी हकीकत पर नहीं उतर सकी है बल्कि सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी कर कर्मचारी अधिकारी सरकारी रकम डकार रहे है। 

अब इन गम्भीर मामलों को सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संज्ञान लेकर स्वास्थ्य विभाग के भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी और कर्मचारियों की जांच कराते हुए इन पर कार्यवाही करते हैं या फिर स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार का खेल बेखौफ तरीके से आगे भी चलता रहेगा यह भविष्य के गर्त में दफन है।

रिपोर्ट श्रीकान्त यादव

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