कानपुर। एक उल्‍कापिंड 29 अप्रैल को पृथ्‍वी के बेहद करीब से गुजरेगा। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार, इसकी गति 19000 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। हालांकि, लोगों का घबराने की जरूरत नहीं है, क्‍योंकि वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस उल्‍कापिंड के धरती से टकराने की संभावना बेहद कम ही है।

हालांकि इस मामले पर प्रकाश डालते हुए ज्योतिष सेवा संस्थान के अध्यक्ष आचार्य पवन तिवारी ने बताया कि 29 अप्रैल को प्रातः 5:56 मिनट पर उल्का पिंड सुरक्षित फासले से पृथ्वी के पास से गुजर जाएगा। यह उल्का पिंड पृथ्वी से 25 लाख से भी अधिक किलोमीटर की दूरी से गुजर जाएगा। इसे पहली बार 1998 मे देखा गया था। 29 अप्रेल को अमृत सिद्ध योग सूर्य बुधादित्य आदि बहुत बलवान योगों के प्रभाव डर उल्का पिंड सुरक्षित फासले से पृथ्वी से गुजर जाएगा।

ज्योतिषाचार्य पवन तिवारी ने बताया कि भविष्य में यह पृथ्वी के लिए बड़ा संकट बन सकता है। यही उल्का पिंड 59 साल बात यानी वर्ष 2079 में वापस सौर मंडल में आएगा। वर्ष 2079 में यह उल्कापिंड इस वर्ष की तुलना में पृथ्वी के ज्यादा पास होगा, इसलिए इसको ठीक से जानना महत्वपूर्ण है।

  • रिपोर्ट -कौस्तुभ शंकर मिश्रा