स्वाट टीम व पुलिस ने 2 नेपाली नागरिकों को किया गिरफ़्तार

by News Desk
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बाराबंकी -:- बताते चले कि जनपद बाराबंकी के थाना जैदपुर का टिकरा गांव पूर्व से अवैध मारफीन तस्करी के लिए कुख्यात रहा है। इसी के दृष्टिगत पुलिस को सूचना मिल रही थी कि कुछ विदेशी नागरिक भी ग्राम टिकरा में आकर अवैध मारफीन की तस्करी करते हैं। इस सूचना पर पुलिस अधीक्षक बाराबंकी डॉ0 अरविन्द चतुर्वेदी द्वारा 02 टीमों का गठन कर सतर्कता बढायी गयी। जिसके दृष्टिगत अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में प्रथम टीम प्रभारी निरीक्षक सन्दीप राय व व0उ0नि0 दर्शन यादव द्वारा भौतिक रूप से जानकारी इकट्ठा की जा रही थी। दूसरी टीम प्रभारी स्वाट टीम विवेक कुमार सिंह व प्रभारी सर्विलांस मुन्ना कुमार द्वारा जनपद बाराबंकी के थाना क्षेत्रों में डिजिटल डेटा के माध्यम से जानकारी एकत्र की जा रही थी। इसी बीच शानिवार को लगभग चार बजे वैशपुर तिराहा थाना जैदपुर क्षेत्रान्तर्गत दो मोटर साइकिलों पर चार व्यक्ति आते दिखाई दिये, जो कि पुलिस टीम को देखकर वापस भागने लगे। पुलिस टीम द्वारा मौके पर मोटर साइकिल के पीछे बैठे शातिर मारफीन तस्कर 1.माधव आचार्य पुत्र खेमराज आचार्य नि0 विजय नगर गाँव पालिका थाना गनेशपुर ,गाँव मैनारी जिला कपिल वस्तु राष्ट्र नेपाल 2. मेराज अहमद खां पुत्र मो0 असलम नि0 विजय नगर गाँव पालिका का थाना गनेशपुर ,गाँव देवपुरा जिला कपिलवस्तु राष्ट्र नेपाल को गिरफ्तार किया गया तथा कब्जे से 150-150 ग्राम कुल 300 ग्राम मारफीन माधव आचार्य का नेपाल सरकार ग्रहमंत्रालय द्वारा जारी नागरिकता प्रमाण पत्र, माधव आचार्य कार्पोरेशन बैंक द्वारा जारी RuPay Debitcard, जामा तलाशी के 1820 रूपये बरामद कर अभियुक्त के विरूद्ध मु0अ0सं0 229/2020 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट व मु0अ0सं0 230/2020 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया। इस क्रम में बरामदगी में स्वाट टीम प्रभारी विवेक कुमार सिंह एवं सर्विलांस टीम प्रभारी मुन्ना कुमार का उत्कृष्ट योगदान रहा।

पूछताछ से अभियुक्तगण द्वारा बताया गया

अभियुक्तो ने बताया कि टिकरा गांव से मारफीन सस्ते दाम में खरीद कर नेपाल में महगें दामों पर सप्लाई करते हैं और इससे इन्हें अच्छी आमदनी होती है। बाराबंकी के टिकरा से मारफीन लेकर बलरामपुर-सिदार्थनगर के रास्ते बढ़नी बार्डर होते हुए नेपाल पंहुचते है, यहां वह अण्डरवीयर की रबड़ में मारफीन को भरकर रबड़ से बांध कर टाइट कर लेते हैं और इसी तरह से थोड़ी-थोड़ी मारफीन बार्डर के उस पार पंहुचाते रहते हैं। अभियुक्तगण इस तरह के विभिन्न हथकंडों को अपना कर नेपाल पंहुच जाते है। यह इनका पेशा है।

मार्फिन तस्करी के लिये बदनाम है बाराबंकी जनपद बाराबंकी मारफीन तस्करी के लिए बदनाम होने के कारण यहां पर विदेशी नागरिक एवं गैर प्रान्त के लोग यहां आकर अवैध मारफीन सस्ते दामों में खरीदकर अपने देश में महंगे दामों पर अपने स्तर से सप्लाई करते हैं। मारफीन की अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में अत्याधिक मांग है, जिसके कारण यह उंची कीमत पर बिकती है। प्रतिबन्धित होने के कारण मारफीन का कोई स्थाई मूल्य नहीं है, तस्करों को जो भी अधिकतम मूल्य मिलता है उसी पर बेच देते हैं। मारफीन के अवैध कारोबार से युवा पीढ़ी द्वारा इसके गलत इस्तेमाल से लत लग जाती है और पूरा भविष्य बरबाद हो जाता है। इसी के सम्बन्ध में भारत सरकार द्वारा मारफीन की अवैध तस्करी को लेकर कड़ी कार्यवाही का प्रावधान करते हुए नारकोटिक ड्रग एण्ड साइकोट्रापिक पदार्थ अधिनियम 1985 (एनडीपीएस एक्ट) लाया गया।

नेपाल को भारत ने भेजी सूचना

इस सम्बन्ध में भारत सरकार से सम्बन्धित विभाग के माध्यम से पुलिस अधीक्षक/कपिलवस्तु, नेपाल को सूचना भेजी जा रही है। इस प्रकरण से प्राप्त मोडस आपरेडीं की जानकारी भारत-नेपाल के सीमावर्ती जनपदों एवं SSB(सीमा सुरक्षा बल) को भी दी जा रही है।

  • रिपोर्ट -:- विकास चौहान

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