लखीमपुर-खीरी :- सम्पूर्णानगर थाना क्षेत्र के गाँव विचित्र नगर सेमरी निवासी जसविंदर सिंह उर्फ पप्पू उम्र 45 वर्ष पुत्र नक्षत्र सिंह ने पिस्टल से खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली है युवक हत्या के आरोप में 1 जनवरी से फरार चल रहा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।



बताते चलें कि मृतक जसविंदर सिंह उर्फ पप्पू गांव के ही भूपेंद्र सिंह पुत्र बलबीर सिंह की हत्या बीते 1 जनवरी को कर दी थी इस मामले में पुलिस को अभियुक्त की तलाश कर रही थी पुलिस ने इस बीच बाजपुर उत्तराखंड ,जसपुर काशी आदि स्थानों पर हत्यारोपी मृतक जसविंदर की तलाश में गई परंतु पुलिस के हाथ खाली रहे।

सम्पूर्णानगर कोतवाली इंचार्ज सुनील सिंह के मुताबिक घटना की सूचना मृतक की मां मलकीत कौर पत्नी नछत्तर सिंह ने सुबह लगभग 11:00 बजे फोन पर दी है ।घटना के संबंध में मृतक की मां ने बताया सुबह 6:30 बजे मैं दूध लेने पड़ोस में गई तब दरवाजा बंद था जब वापस आई तो कमरे का दरवाजा आधा खुला था क्योंकि मैं अलग रहती हूं आधा दरवाजा खुला देखा।

तो मैंने सोचा दरवाजा बंद कर दूं जब दरवाजे से अंदर झांका तो बेड पर मेरे लड़के की लाश पड़ी मिली थी। उसके बाद उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को दी जिस पर तुरंत ही घटनास्थल पर कोतवाल सुनील सिंह अपने दल के साथ मौके पर पहुंचे जहां देखा अभियुक्त बेड पर पड़ा हुआ है।

उसके सीने में बाई तरफ गोली लगी पास में ही दो देसी तमंचा और चार जिंदा कारतूस तथा एक खोखा पड़ा था कोतवाल ने तुरंत ही घटना की सूचना आला अधिकारियों को दी इसी दौरान फॉरेंसिक लैब के डॉक्टर सुमित पांडे ने मौके पर पहुंच कर जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस के मुताबिक घटना 7:00 बजे की बताई जा रही है।

मृतक की मां मलकीत के अनुसार जसविंदर की शादी शाहगढ़ पीलीभीत में हुई थी घटना के समय घर पर मां के अलावा कोई नहीं था मृतक की पत्नी बच्चों सहित पंजाब में मजदूरी आदि करते हैं वर्तमान में वही हैं दो लड़के दो लड़कियों में तीन की शादी हो चुकी है एक लड़का शादी के लिए बाकी है।

घटना की जानकारी होने पर एडिशनल अरुण कुमार सिंह, नवागत सीओ पलिया संजय नाथ तिवारी , सम्पूर्णानगर कोतवाल सुनील सिंह ,एसआई शिवकुमार , खजुरिया चौकी इंचार्ज जीवन सिंह, कांस्टेबल सौरव ,इंद्रेश यादव, सचिन आदि जवान मौजूद रहे। ग्रामीणों की आपसी बातचीत के अनुसार जसविंदर अपराधी प्रवृत्ति का था मामला आत्महत्या या हत्या संदिग्ध लग रहा है। क्योंकि गोली चलने की आवाज किसी भी ग्रामीण ने नहीं सुनी।


समय रहते मृतक हत्यारोपी को पुलिस पकड़ पाती तो शायद आत्महत्या ना कर पाता हत्यारोपी जसविंदर ।


रिपोर्ट -गोविंद कुमार