10 रुपए में कैंसर रूपी गुटखा खाओ साथ में मिल रहे कटोरे से बीमार होने पर भीख मांग कर इलाज कराओ

by saurabh


दस रुपए में कैंसर रूपी गुटखा साथ में कटोरा, आखिर क्यों लोगों को अपने मकड़जाल में फसा रहे गुटखा माफिया
मिश्रित गुटखे पर पूर्णता पाबंदी, फिर भी जनपद में करोड़ों के गुटखे का होता महीनों में व्यापार
खाद्य विभाग भुला अपनी जिम्मेदारी लापरवाहीयों की पोटली बांधे बैठा विभाग
खुलेआम बिक रहा गुटखा तो मिलीभगत की पेशकश से क्यों किया जाए इनकार

उरई जालौन। मिश्रित गुटखे पर पूर्णता पाबंदी सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई है, क्योंकि इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होती है। इसके बावजूद जनपद जालौन के अंदर से सैकड़ों ब्रांडेड मिश्रित गुटखे हर दुकान पर थोक के भाव में मिल जाएंगे और त्यौहार आते ही गुटखे वाले अपने नए नए ऑफर दुकानदारों के साथ ग्राहकों को देने लगते हैं, ताकि उनका ब्रांडेड गुटखा ज्यादा से ज्यादा बिक सके और उन्हें लोगों को बीमार कर उन्हें मार कर पैसे मिल सके। और वहीं जनपद में मिश्रित गुटखे के साथ मिलावटी सामान धोखाधड़ी से लोगों को बचाने और इन पर पूर्ण पाबंदी लगाने के साथ लोगों को बीमार करने और उनके साथ अन्य काम करने वालों पर कार्रवाई करने के लिए खाद्य विभाग को बनाया गया है। इन अवैध कार्य पर लगाम लगाने के साथ इन कार्यों में विलिप्त माफियाओं पर कार्रवाई करने कि जगह खाद्य विभाग त्योहारों के साथ अन्य दिनों मिलीभगत की पेशकश पेश करता रहता है। खाद्य विभाग से जब इन मसलों पर जानकारी लो तो उन सभी छोटे बड़े अधिकारियों का कहना रहता आपके आरोप बेबुनियादी है, हम समय समय पर जांच कर कार्रवाई करते रहते है।, अधिकारियों को शर्म करनी चाहिए। जनपद जालौन के अंदर सैकड़ों अवैध मिश्रित गुटखे का कारोबार दिन दुगना रात चोग्ना बढ़ रहा ओर पर्याप्त जानकारी जुटाने में अधिकारी कर्मचारी सक्षम नहीं है। इस समय जनपद जालौन के अंदर एक नए मिश्रित गुटखे ने जन्म लिया जन्म लेने के साथ ही उसने अपने ऑफरो को भी पैदा कर लिया। क्योंकि उसे जल्द सक्रिय होकर लोगों को बीमार करना है,बढ़ती जनसंख्या पर लगाम लगाने के साथ उन्हें कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का आदि बनाना है इस समय राधिका नाम का गुटका सुर्खियां बटोर रहा क्योंकि वह ₹10 में एक कटोरा भी दे रहा। ₹10 में गुटका माफियाओं को कौन सा लाभ मिला क्योंकि लगभग कटोरा भी ₹5 का और गुटका भी ₹5 का पड़ता है, अगर गुटखा असली हो। वहीं गुटके की जगह अगर लकड़ी का बुरादा या अन्य चीज भर कर दी जाए तो यह उन्हें सस्ता पड़ सकता है। शायद गुटके के बहाने वह लोगों को लकड़ी का बुरादा या गाय का गोबर खिला रहे हैं। वही रोज नए नए जन्म देने वाले गुटका माफियाओं पर कार्रवाई ना होने कारण उनके हौसले बुलंद है, और सघन चेकिंग अभियान के जगह गुटका माफिया सघन मिलीभगत की प्रस्तुति प्रस्तुत करते रहते हैं।

रिपोर्ट– नसीम सिद्दीकी

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