किसी कंपनी की Brand Value उसकी सबसे मूल्यवान संपत्तियों में से एक होती है। आपकी ब्रांड इमेज बैंक शीट पर किसी भी संख्या से अधिक तेजी से बढ़ सकती है। इस दौर में ब्रांड किसी भी Fortune 500 कंपनी के लिए सबसे बड़ी सम्पदा है। एक MSME (छोटे और मंझोले उद्यम) में आमतौर पर ब्रांड की छवि के विकास पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता है, क्योंकि दिन-प्रतिदिन के मुद्दों और काम-काज का महत्व ज्यादा होता है। दूरदर्शी सोच की कमी के कारण कंपनियां इस गलतफहमी का शिकार हो जाती हैं कि ब्रांड बड़ी कंपनियों के लिए जरूरी है, छोटी कंपनियों के लिए नहीं।

आज के बाजार में ब्रांड ही कंपनी को भीड़ से अलग एक पहचान देती है, जिससे ग्राहकों, कर्मियों और विक्रेताओं को समान रूप से आकर्षित किया जा सकता है। इससे एक भावनात्मक बंधन का सृजन होता है, जो एक सेतु की तरह काम करता है और समय के साथ कंपनी के लिए निष्ठा/वफादारी में बदल जाता है। आर्थिक रूप से उभरते हुए/उदीयमान देशों के विस्तारित होते हुए बाजारों में कई वैश्विक ब्रांड आ गए हैं, जो आपके ग्राहक का ध्यान आकर्षित करते हैं, उनकी ब्रांड इमेज ग्राहकों को भावनात्मक रूप से बांधती है। यही भावनात्मक सम्बंध आपके ग्राहकों को ऊंची कीमत, गुणवत्ता, पैकेजिंग या ऐड-ऑन के प्रलोभन को नजरअंदाज करने पर विवश करता है।

छोटे छोटे कदम हैं महत्वपूर्ण

हर एसएमई का एक दिन Coca Cola, Starbucks, Nike या Apple की तरह बनने का सपना होता है। उनका सपना होता है कि कुछ दशकों में इन बड़ी कंपनियों की तरह हर घर में प्रचलित नाम बन जाएं और ग्राहकों के रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बन जाएं। यहां तक कि बी-2-बी व्यवसायों को भी अच्छे भागीदारों, आपूर्तिकर्ताओं और वित्तीय संस्थानों को आकर्षित करने के लिए एक मजबूत ब्रांड इमेज की आवश्यकता होती है, जिससेे कि वे कंपनी के अस्तित्व और उसके उद्देश्य को सहजता से समझ सकें।

जल्द बाजार में लांच होगा ‘हल्दी दूध’

यदि मौलिक आवश्यकताएं पूरी हों, तो एक एसएमई के लिए भी एक अच्छी और टिकाऊ ब्रांड इमेज बनाना कोई मुश्किल काम नहीं होना चाहिए। केवल विज्ञापन बजट से ही ब्रांड इमेज को परिभाषित नहीं किया जाता है, बल्कि इसके लिए कंपनी की स्थापना के मूल सिद्धांत और बुनियाद अहम होते हैं। यह सिद्धांत एक एफएमसीजी, सेवा प्रदान करने वाली कंपनी, एक व्यक्ति, एक मैन्यूफैक्चरर, रियल एस्टेट कंपनी, एक सरकार या यहां तक कि एक देश के लिए भी लागू होता है।

आइए जानते हैंँ कुछ सरल नियमों और तरीकों के बारे में, जिनको बड़ी रकम खर्च किए बिना लागू किया जा सकता है। ये 10 नियम आपकी कंपनी की ब्रांड इमेज को परिभाषित करने और उसको स्थापित करने में मदद करेंगे।

1. बनाएं अपनी अलग पहचान

प्रत्येक व्यवसाय में यदि आपके पास प्रतियोगी से कुछ अलग होने का लाभ नहीं है, तो संभावना है कि आप का बिज़नेस जल्द ही बंद हो जाएगा या प्रगति रुक जाएगी। यदि आप सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं, तो आपके पास जरूर व्यापार करने का एक अलग और अनूठा तरीका है, जो शायद परिभाषित नहीं है। यह आपकी ईमानदारी हो सकती है या बिज़नेस करने का अलग तरीका हो सकता है या आपके कर्मचारियों का अद्वितीय कौशल या हुनर हो सकता है। बिक्री करने के एक अनोखे तरीके से आप दूसरे लोगों से अलग हो जाते हैं और ग्राहक के साथ आप का जुड़ाव आसान हो जाता है।

2. ग्राहक को जानिए

यह जानना बहुत महत्वपूर्ण है कि आप का ग्राहक आप से ही बिज़नेस क्यों करना चाहता है। ग्राहक से बातें, चर्चा और खोजबीन/शोध से आप को यह पता लग जाएगा कि आप के ग्राहक के दिमाग में क्या चल रहा है। इस जानकारी के बिना आप कभी नहीं जान पाएंगे कि ग्राहक के मन में आप के बिज़नेस करने के तरीके या आप के लिए कैसी भावना है। सर्वश्रेष्ठ ब्रांड्स ने हमेशा अपने ग्राहकों की मानसिकता व मनोदशा के आधार पर खुद को मजबूत किया है और जो असफल रहे, वे वही हैं जिन्होंने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इस ज्ञान के आधार पर आप ग्राहकों के दिलो-दिमाग में अपनी ब्रांड की स्थाई जगह बना सकते हैं।

3. अपने DNA को पहचानिए

एक ब्रांड का जन्म तब होता है जब आप यह जानते हैं कि आप की पहचान क्या है। प्रत्येक ब्रांड में एक जीवित जीव की तरह एक डीएनए होता है, इसमें एक व्यक्तित्व होता है जिसे आप जीवंत बनाते हैं। आपके ब्रांड की एक उम्र और विशेषताएं होती हैं। उदाहरण के लिए यदि आप का एक कैफे हैं, तो आप युवा, मजेदार बातें करने वाले, अच्छे मेहमाननवाज, देखभाल करने वाले और बहिर्मुखी हो सकते हैं। इस ब्रांड के हर पहलू में इस डीएनए की खासियत/विशेषता दिखनी चाहिए। संगीत, सुगंध, आपके कर्मचारी किस तरह से फोन का जवाब देते हैं, स्थान की रंग-सज्जा, वेबसाइट, बातचीत का तरीका और भी अन्य अनेक पहलुओं में इस डीएनए को जीना होगा।

4. अपने ग्राहकों को खुश रखिए

ब्रांड इमेज बनाने का सबसे प्रभावी तरीका यह है कि आप अपने ग्राहकों को इतना खुश करें कि वे आपके उत्पादों या सेवा के प्रचारक बन जाएं। ‘कम का वादा करके ज्यादा देने’ के पुराने नियम की जगह अब ‘उम्मीद से कहीं ज्यादा का वादा और उस वादे को निभाने’ का नियम प्रचलित है। यदि आपके बिज़नेस के हर पहलू और काम में ग्राहकों को खुश करने के लिए फोकस है और कंपनी इस काम में लगातार सफल हो रही है, तो इस लेख के अन्य सभी बिंदुओं को पढ़ने की भी जरूरत नहीं है! ग्राहक को प्रसन्न करने के लिए पहला कदम अपने ब्रांड को खरीदने के लिए उनके अंतिम उद्देश्य और सबसे महत्वपूर्ण – कारण को जानना है।

फिर उपभोक्ता की निर्णय लेने की प्रक्रिया, चिंताओं और मुद्दों को समझ कर अपने सिस्टम को में सुधार करके उसकी उम्मीदों से इतना बढ़ा देना है, जिससे ग्राहक को अतिप्रसन्नता/प्रफुल्लता का अनुभव हो। जब यह अनुभव उनकी आवश्यकताओं और प्रसन्नता की सीमा से अधिक हो जाता है, तो वास्तविक ब्रांड निष्ठा पैदा होगी। यह अनुभव केवल मार्केटिंग व बिक्री ही नहीं बल्कि एकाउंट्स, फाइनेंस, प्रशासन या मानव संसाधन जैसे विभागों में भी महसूस होना चाहिए।

5. ग्राहको से हमेशा जुड़े रहिए

अपने ग्राहकों से लगातार जुड़े रहने के कारण या बहाने ढूंढिये। एक सफल ब्रांड विचारों में सदा सबसे ऊपर बनी रहनी चाहिए। ग्राहकों को नए प्रोडक्ट्स, एक्टिीविटी/गतिविधियों, सेवाओं और अपनी उपलब्धियों के बारे में सूचित करते रहिए। उनमें से बहुत से ऐसे होंगे जो यह जानते भी नहीं होंगे कि आप या आप की कंपनी क्या-क्या करती है। ऐसे कार्यक्रम आयोजित कीजिए, जिनमें ग्राहकों की रुचि हो और उनको अपनी सफलता के उत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित कीजिए। आपके न्यूज़लैटर्स इतने रोचक होने चाहिए कि ग्राहक बिना पढ़े उनको जंक बॉक्स में न डाल दें।

6. सोशल मीडिया को अपनाइए

सोशल मीडिया के आगमन और सभी उम्र के लोगों में स्वीकृति के साथ मीडिया लोकतांत्रिक हो गया है। व्यापार की प्रकृति के अनुसार सही माध्यमों के स्मार्ट उपयोग के साथ कोई भी तेजी से लगभग शून्य लागत पर अपनी विज़ीबिलिटी/दृश्यता बढ़ा सकता है। इतने सारे व्यवसाय जो आज प्रकाश की गति से बढ़ रहे हैं, उनकी सफलता का काफी कुछ श्रेय अपने उपभोक्ताओं से सीधे जुड़ना है। सोशियल मीडिया का उपयोग और उसमें डूबने से पहले एक रणनीति बनाना महत्वपूर्ण है। आपके उद्देश्य स्पष्ट होने चाहिए, सोशियल मीडिया किसी भी पुराने माध्यम की तुलना में बहुत तेजी से एक ब्रांड को नुकसान पहुंचा सकता है क्योंकि इसमें कौन, कब क्या बोल दे इस पर कोई नियंत्रण नहीं है।

आपके पास वह रणनीति और तरीके पहले से तैयार होने चाहिए, जिनसे आप अपने ब्रांड पर हमले को नाकाम/विफल कर सकें। फेसबुक पेज के माध्यम से एक एसएमई अपने ग्राहकों से सीधा संवाद कर सकता है, इस पर आप अपनी बिज़ीबिलिटी को भी आंक सकते हैं। ट्विटर, इन्सटाग्राम, ब्लॉग आदि भी आप की आवाज को दूसरों तक आसानी से पहुंचा सकते हैं और आपकी ब्रांड को एक अलग और ऐसी पहचान दे सकते हैं, जिससे ग्राहकों में लोकप्रिय हो जाए। लिंक्ड-इन की मदद से आप निर्णयकर्ताओं और अपने संभावित कर्मियों से जुड़ कर संवाद कर सकते हैं।

7. ब्रांड एम्बेसडर बनाएं

ब्रांड इमेज विकसित करने का सबसे अच्छा तरीका ब्रांड एंबेसडर बनाना है, जो आपके प्रोडक्ट और सेवा के अच्छे गुणों या विशेषताओं को प्रचारित करे। प्रत्येक व्यक्ति, जिससे कोई कंपनी जुड़ती है, वह ब्रांड एंबेसडर बनने की क्षमता रखता है। यदि आपके कर्मचारी खुश हैं, तो वेे ब्रांड की बुराई कभी नहीं करेंगे। जो कर्मचारी कंपनी छोड़ भी दें, उनकी विदाई उनको खुश करके की जाए, तो वे भी आपके एंबेस्डर बने रहेंगे। विक्रेता, आपूर्तिकर्ता, बैंकर और प्रतिस्पर्धी – सभी ब्रांड एंबेसडर हो सकते हैं। यदि अन्य लोग आपके ब्रांड और इसके मूल्यों के बारे में एक लाख बार बोलते हैं, तो इसका प्रभाव वैसा ही होगा जैसा आपके छत पर से चिल्लाने का होगा।

8. फोकस बनाए रखिए

एक एसएमई के लिए उसकी मुख्य योग्यता और खासियत/विषेशता से विचलित होना बहुत हानिकारक/नुकसानदेह होता है। अच्छी ब्रांड बनाने के लिए एसएमई का मुख्य उद्देेश्य जितना स्पष्ट होगा और उस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए जितनी उत्कृष्टता और दक्षता से काम किया जाएगा, ब्रांड इमेज विकसित करने में विकसित करने में उतनी की मदद और सफलता मिलेगी। यदि किसी संगठन में उत्कृष्टता प्राप्त करने और अपने उद्योग में सर्वश्रेष्ठ बनने के फोकस के साथ लगातार सुधार करने की लगन है, तो उनका ब्रांड खुद ही स्थापित हो कर सफलता की ऊंचाइयों को छूएगा। उत्कृष्टता प्राप्त करने और उसे बनाए रखने के बाद विविधीकरण और फॉरवर्ड इंटीग्रेशन पर ध्यान देना चाहिए। उत्कृष्टता ब्रांड की सफलता का सबसे बड़ी उत्प्रेरक होती है।

9. एक निमित्त अपनाएं और उसका वैचारिक नेतृत्व करें

हर ब्रांड का किसी महत्वपूर्ण विषय पर अपना सिद्धांत और मत होना चाहिए, जो उसे प्रिय हो और जिसमें उसका विश्वास हो। जब कंपनी की कोर टीम के सदस्य आत्मनिरीक्षण करते हैं, तो उन्हें एक या अधिक महत्वपूर्ण संदेश या शब्द मिलेंगे जो कई चर्चाओं में उपयोग किए जाते हैं। इनोवेशन, सशक्तिकरण, उभरते बाजार, लॉजिस्टिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग या यहां तक कि कर्मचारी कल्याण। इन्हें पहचान कर इनके बारे में बात करने के लिए हर अवसर का उपयोग करें और अपने ब्रांड को उनके साथ जोडें।

इससे सम्बंधित सेमिनार, व्याख्यान, कार्यक्रम और कार्यशालाएं आदि, सभी कंपनी को अपनी छवि बनाने का मौका देते हैं। आप वहां जो कहते हैं और करते हैं, उस पर उस क्षेत्र में आपके नेतृत्व करने की सम्भावना निर्भर करती है। अपने पसंदीदा विषय पर अपनी राय के साथ साक्षात्कार दें, लेख लिखें, चर्चा करें, शोध करें और उस पर इनोवेशन करें।


मैं यह लेख इसलिए लिख रहा हूंँ, क्योंकि हमारी कंपनी ने अपने उद्देश्य में एसएमई की ब्रांडिंग और स्थानीय ब्रांडो का विकास करना सम्मिलित किया है। हम स्थानीय कंपनियों को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में पूरी लगन व प्रतिबद्धता से सहायता करते हैं। हम संगोष्ठियों या सेमिनार में व्याखान देते हैं, कार्यशालाओं/वर्कशॉप्स का आयोजन करतेे हैं। हमने ऐसे 100 ब्रांड विकसित किए हैं, जो वैश्विक रूप से स्थापित ब्रांडों के समक्ष मजबूत चुनौती प्रस्तुत कर रहे हैं।

10. इनोवेट कीजिए

10 वां नंबर आपके लिए कुछ नया करने के लिए है, क्योंकि सबसे प्रभावशाली विचार आपके स्वयं के ज्ञान और क्षमताओं से उत्पन्न होते हैं। ब्रांडिंग नवाचार/इनोवेशन की एक सतत् प्रक्रिया है, इसलिए आज ही अपने ब्रांड के लिए नवाचार/इनोवेट करने और संगठन में प्रत्येक विभाग में नवाचार करने की संस्कृति को स्थापित करने का संकल्प लीजिए।

तो तैयार हो जाइए एक ऐसे ब्रांड के लिए जो जल्दी ही आपकी उम्मीदों और कल्पना से कहीं अधिक मूल्यवान होगा।

लेख- डॉ. राकेश वर्मा (Ex IAS)