संभल :: आज जनपद संभल में भाकियू  अराजनैतिक असली के पदाधिकारियों ने संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को कस्बा बस स्टैंड धनारी पर आगरा मुरादाबाद हाईवे को पूर्ण रुप से पांच घंटे तक जाम रखा । इस दौरान किसानों ने आपात कालीन सेवाओं को जाम से मुक्त रखा । प्रशासन के लाख दावों के बाबजूद भी हाईवे पर वाहनों की भारी संख्या में भीड जमा रही । किसान लगातार तीन क्रषि कानूनों को लेकर दस माह से अधिक समय से दिल्ली के बाडरों पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं । सरकार से वार्ता ना होने पर संयुक्त किसान मोर्चा ने 27 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया था । जिसके चलते धनारी पर हाईवे जाम किया गया । 

सोमवार को तयशुदा कार्यक्रम के तहत भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक असली के पदाधिकारियों के द्वारा आगरा मुरादाबाद हाईवे को जाम कर दिया गया । सुबह 11:00 बजे भाकियू अराजनैतिक असली के राष्ट्रीय प्रमुख सचिव ऋषिपाल सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में किसान आगरा मुरादाबाद हाईवे पर कस्बा बस स्टैंड धनारी के डीपी विद्यापीठ तिराहे पर पहुंचे जहां किसानों ने हाइवे को पूर्ण रूप से जाम कर दिया । पुलिस प्रशासन ने हाईवे पर जाम ना लगने के लिए भरसक प्रयास किए । परन्तु जाम रोकने में नाकाम रहे । इस दौरान माननीय महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नाम पदाधिकारियों ने ज्ञापन उपजिलाधिकारी गुन्नौर को सौंपा गया ।

जिसमें पदाधिकारियों ने लिखित में कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा व 550 किसान संगठनों के बैनर तले तीन कृषि कानून वापस लेने बिजली संशोधन बिल 2020 रद्द करने वाले कानून रद्द करने । सभी कृषि उत्पादों की एमएससी पर खरीदी कानूनी गारंटी की मांग को लेकर दिल्ली के वार्डर पर लाखों किसानों एवं देश भर में करोड़ों किसानों द्वारा आंदोलन किया जा रहा है । आंदोलन के द्वारा अब तक लगभग 700 से अधिक किसानों की शहादत आंदोलन में हो चुकी है । लेकिन केंद्र सरकार द्वारा किसानों की सुनवाई नहीं की जा रही है । किसानों द्वारा इसी के चलते 27 सितंबर को भारत बंद किया जा रहा है जिसका देश के अनेक श्रमिक संगठनों ,नागरिक संगठनों ,जन संगठनों, महिला, युवा ,दलित ,आदिवासी ,अल्पसंख्यकों, ट्रांसपोर्ट यूनियन, व्यापारी संगठनों द्वारा समर्थन किया जा रहा है ।

इसमें प्रमुख रूप से किसानी करने वाले व गांव को नष्ट करने वाले तीन कानूनों को जबरन थोपा जा रहा है । जन वितरण प्रणाली को ध्वस्त करने वाले मंडी और एमएसपी प्रणाली खत्म करने वाले ,मुनाफा करने की जमाखोरी करने की व्यापारियों को पूरी छूट दी जा रही है । किसानों के लिए अदालत का दरवाजा बंद किया जा रहा है । किसान विरोधी कानून पूर्ण रूप से किसानों के लिए मौत का पैगाम है । आवश्यक वस्तु संशोधन कानून 2020 मंडी समिति एपीएमसी कानून ठेका खेती को वापस लिया जाये । इसके अलावा अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति द्वारा तैयार लोकसभा और राज्यसभा में किसान संगठनों के सांसदों द्वारा पेश किए गए बिल संपूर्ण कर्जा मुक्ति एवं लाभकारी मूल्य गारंटी कानून को संसद में पारित किया जाए । सभी जरूरतमंदों को निशुल्क 15 किलो अनाज 1 किलो चीनी 1 किलो तेल 1 किलो दाल की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाए । श्रमिकों के 44 श्रम कानून रद्द कर 4 लेबर कोर्ट लागू किए गए हैं । इन्हें बहाल करो लेबर कोर्ट रद्द करो । मनरेगा में 200 दिन का रोजगार गारंटी कानून पास किया जाए ।किसानों को डीजल आधे मूल्य पर उपलब्ध कराया जाए । ओलावृष्टि व दैवीय आपदा से फसलों का लागत से डेढ़ गुना फसल बीमा का भुगतान किया जाए । इस मौके पर राष्ट्रीय प्रमुख सचिव ऋषिपाल सिंह, दिल्ली महरौली के अध्यक्ष जाकिर हुसैन ,पूरन सिंह ,रणवीर सिंह ,ज्ञानेंद्र यादव, राजेश कुमार, प्रकाशवीर ,भूरेसिंह यादव ,कुमरपाल, रामपाल, सुनील, रहीस अहमद, वीरू यादव, वीरेंद्र सिंह, मोरध्वज यादव, राजवीर सिंह ,निजाम ,जावेद अली, वीरेश शास्त्री मनवीर सिंह आदि मौजूद रहे

रिपोर्ट :: सीताराम कुशवाहा